
मारुति सुजुकी। (फोटो- IANS)
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति-सुजुकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तेल और डॉलर बचाने की अपील पर अमल किया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों से अपील की है कि वे पेट्रोल बचाएं और अनावश्यक खर्च कम करें।
बता दें कि ईरान युद्ध के बाद बढ़ती तेल की कीमतों ने विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाला है, ऐसे में कंपनी ने ये कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त संदेश के कुछ हफ्ते बाद यह फैसला आया है।
मारुति-सुजीकी की ओर से कर्मचारियों को घर से काम करने, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने को कहा गया है।
विदेश यात्रा तो सिर्फ बहुत जरूरी काम के लिए ही, घरेलू यात्रा भी कम करने की सलाह दी गई है। कंपनी ने एक्स पर यह जानकारी दी है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ईरान संकट के बाद कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। सरकार ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए। आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। मारुति सुजुकी के इस फैसले को कई लोग सराह रहे हैं।
कंपनी ने कहा कि इससे पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल कम होगा और विदेशी मुद्रा बचाएगी। कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी भी इस मुहिम में शामिल होंगे।
कुछ दिन पहले ही मारुति सुजुकी ने ऐलान किया था कि जून से उसकी गाड़ियों की कीमतें 30,000 रुपये तक बढ़ जाएंगी। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और महंगाई के चलते यह फैसला लिया गया। इससे ग्राहकों पर दोहरा झटका लगा है। एक तरफ गाड़ी महंगी, दूसरी तरफ उसका तेल भी महंगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस महीने शुरुआत में देशवासियों से अपील की थी कि ईंधन बचाएं, अनावश्यक विदेश यात्रा कम करें और सोना खरीदने से बचें। मारुति सुजुकी का यह कदम ठीक उसी दिशा में माना जा रहा है।
कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि छोटी-छोटी बचत से बड़ा फर्क पड़ सकता है। अगर लाखों कर्मचारी रोज कार पूलिंग करें या बस-मेट्रो से आएं तो कितना पेट्रोल बचेगा, यह आसानी से समझा जा सकता है।
Updated on:
26 May 2026, 9:23 PM IST
Published on:
26 May 2026, 9:23 PM IST
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