scriptWhat is the difference between sedition and treason? | क्या है राजद्रोह और देशद्रोह, दोनों में क्या है अंतर? | Patrika News

क्या है राजद्रोह और देशद्रोह, दोनों में क्या है अंतर?

राजद्रोह शासन के खिलाफ किया गया आचरण है, जबकि देशद्रोह राष्ट्र के खिलाफ। इन दिनों ये चर्चा आम है कि किसी ने राजद्रोह कर दिया या किसी के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा क़ायम हो गया। 11 मई को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी राजद्रोह के क़ानून पर फिलहाल रोक लगा दी है।

नई दिल्ली

Published: May 12, 2022 08:05:17 pm

राजद्रोह और देशद्रोह को लेकर अक्सर ही देश की राजनीति गरमाई रहती है। हम राजद्रोह कानून और देशद्रोह कानून को लेकर भी कई बार अख़बारों में पढ़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजद्रोह क्या होता है ? और देशद्रोह क्या होता है ? या राजद्रोह और देशद्रोह में क्या अंतर है ? राजद्रोह कानून यानी की 124 A IPC की धारा अपने अस्तित्व के समय से ही विवादों के घेरे में रही है। इसकी समीक्षा करते समय अक्सर एक तथ्य लोग भूल जाते हैं कि देशद्रोह और राजद्रोह दोनों ही अलग अलग बिंदु हैं। चलिए आपको विस्तार से बताते हैं राजद्रोह और देशद्रोह में अंतर।
क्या है राजद्रोह और देशद्रोह, दोनों में क्या है अंतर?
क्या है राजद्रोह और देशद्रोह, दोनों में क्या है अंतर?
राजद्रोह-देशद्रोह में क्या है अंतर?

'राजद्रोह' और 'देशद्रोह' को लोग एक ही मान लेते हैं। मगर इनके अर्थ अलग-अलग हैं, यानी कि जब सरकार की मानहानि या अवमानना होती है तो उसे 'राजद्रोह' कहा जाता है और जब देश की मानहानि या अवमानना होती है तो उसे 'देशद्रोह' कहा जाता है।

राजद्रोह कानून क्या है ?

यदि कोई व्यक्ति गवर्नमेंट विरोधी बातें लिखता है या बोलता है, या फिर ऐसी ही बातों का समर्थन करना है, या राष्ट्रीय चिन्हों का अपमान करता है या फिर संविधान को नीचा दिखता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 124 A के तहत राजद्रोह का केस दर्ज किया जा सकता है। इन सब बातों के साथ ही यह किसी व्यक्ति के द्वारा देश विरोधी संगठन के साथ में किसी तरह का संबंध रखा जाता है या वह ऐसे किसी संगठन का किसी भी तरह से सहयोग करता है तो भी वह राजद्रोह के अंतर्गत आता है।

देशद्रोह कानून क्या होता है ?

देश में सरकार को क़ानूनी रूप से चुनौती देना देशद्रोह की श्रेणी में आता है। वैसे आपको बता दें कि सरकार का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना या इसके अलावा उसमें बदलाव के लिए मांग किया जाना देश के हर नागरिक का अधिकार होता है। लेकिन गैरकानूनी तरीके से सरकार का विरोध देशद्रोह कहा जाता है। देशद्रोह के लिए किसी भी ऐसे नागरिक को जिम्मेदार माना जाता है जो देश के ख़िलाफ़ किसी भी गतिविधि में शामिल होकर ऐसे किसी संगठन से संपर्क रखता है। साथ ही आतंकी विचारधारा के साथ व्यक्ति या संस्था का साथ देना भी देशद्रोह की श्रेणी में ही माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति देश के खिलाफ होने वाली आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है तो IPC की धारा-121 के अंतर्गत उसे सजा दी जाती है।

राजद्रोह के लिए क्या और कितनी सजा हो सकती है ?

यदि किसी व्यक्ति को राजद्रोह कानून के अंतर्गत दोषी पाया जाता है तो उसे 3 साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है। सजा के साथ ही उक्त व्यक्ति को जुर्माना भी देना होता है। इसके साथ ही जब कोई व्यक्ति राजद्रोह में दोषी पाया जाता है तो वह कभी किसी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। इसके अलावा उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया जाता है और उसे जब जरुरत हो तब कोर्ट में हाजिर होना पड़ता है।

देशद्रोह के लिए क्या और कितनी सजा हो सकती है ?

IPC की धारा-121 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति देश के खिलाफ होने वाली आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है तो देशद्रोह के अंतर्गत उसे सजा का प्रावधान है। वहीँ यदि कोई व्यक्ति देश के खिलाफ युद्ध जैसे हालात पैदा करता है या युद्ध करता है या फिर लोगों को देश के खिलाफ युद्ध के लिए प्रेरित करता है तो उसे उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा दी जा सकती है। ऐसे किसी भी क्राइम के लिए उस व्यक्ति को IPC की धारा-121 A के अंतर्गत सजा होती है। सजा की यह अवधि 10 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है।

राजद्रोह कानून क्या खत्म किया जा सकता है?

कई बार राजद्रोह कानून को खत्म किए जाने को लेकर सवाल उठते हैं। जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने कहा था कि राजद्रोह कानून या आईपीसी की धारा-124 (ए) को खत्म नहीं किया जा सकता। सरकार ने देश विरोधी लोगों, आतंकी और पृथकतावादी तत्वों से निपटने के लिए राजद्रोह कानून की जरूरत होती है।

राजद्रोह कानून किसने बनाया?

ब्रिटिश शासन में ही साल 1870 में राजद्रोह कानून को बनाया गया था यानी की यह 152 साल पुराना कानून है। इस कानून का इस्तेमाल अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत करने और विरोध करने वाले लोगों पर किया जाता था। तब इस कानून के तहत कई लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई थी।

देशद्रोह कानून से जूड़ी अन्य बाते

IPC की धारा-122 के अंतर्गत यह कहा गया है कि यदि वह देश के खिलाफ युद्ध की नियत रखता है और इसके लिए हथियार जमा करता है या हथियार बनाता है या फिर हथियार छुपाने का काम करता है तो उस व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है। जबकि जो लोग ऐसे लोगों का साथ देते हैं उन्हें भी धारा-123 के अंतर्गत 10 साल की सजा का प्रावधान है। जबकि यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करता है तो उसे आईपीसी की धारा-124 के अंतर्गत सजा होती है।

यह भी पढ़ें: क्या है अंग्रेजों के जमाने का राजद्रोह कानून जिसे 75 सालों तक भी नहीं बदला जा सका

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

किसी भी महीने की इन तीन तारीखों में जन्मे बच्चे होते हैं बेहद शार्प माइंड, लाइफ में करते हैं बड़ा कामपैदाइशी भाग्यशाली माने जाते हैं इन 3 राशियों के बच्चे, पिता की बदल देते हैं तकदीरइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथ7 दिनों तक मीन राशि में साथ रहेंगे मंगल-शुक्र, इन राशियों के लोगों पर जमकर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपादो माह में शुरू होने वाला है जयपुर में एक और टर्मिनल रेलवे स्टेशन, कई ट्रेनें वहीं से होंगी शुरूपटवारी, गिरदावर और तहसीलदार कान खोलकर सुनले बदमाशी करोगे तो सस्पेंड करके यही टांग कर जाएंगेआम आदमी को राहत, अब सिर्फ कमर्शियल वाहनों को ही देना पड़ेगा टोल15 जून तक इन 3 राशि वालों के लिए बना रहेगा 'राज योग', सूर्य सी चमकेगी किस्मत!

बड़ी खबरें

IPL 2022 LSG vs KKR : डिकॉक-राहुल के तूफान में उड़ा केकेआर, कोलकाता को रोमांचक मुकाबले में 2 रनों से हरायानोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेरपुलिस में मामला दर्ज, नाराज कांग्रेस विधायक का इस्तीफा, जानें क्या है पूरा मामलाडिकॉक-राहुल ने IPL में रचा इतिहास, तोड़ डाला वार्नर और बेयरेस्टो का 4 साल पुराना रिकॉर्डDelhi LG Resigned: दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवालाIndia-China Tension: पैंगोंग झील पर बॉर्डर के पास दूसरा पुल बना रहा चीन, सैटेलाइट इमेज से खुलासाWatch: टेक्सास के स्कूल में भारतीय अमेरिकी छात्र का दबाया गला, VIDEO देख भड़की जनताHeavy rain in bangalore: तेज बारिश से दो मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.