Bihar Election: हरियाणा में रहने वाले बिहारी प्रवासियों का बीजेपी द्वारा डाटा इकट्ठा किया जा रहा है, जिससे बिहार चुनाव के दौरान उन्हें मतदान करने के लिए घर भेजा जा सके।
Bihar Chunav: बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव (Bihar Election) होने है। विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों की तैयारी भी तेज हो गई है। बिहार चुनाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भी तैयारी तेज कर दी है। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार प्रदेश में रहने वाले बिहार के मतदाताओं को लामबंद करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ नहीं रही है। सैनी सरकार द्वारा हरियाणा में एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बिहारी प्रवासियों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है।
बता दें कि हरियाणा में रहने वाले बिहारी प्रवासियों का बीजेपी द्वारा डाटा इकट्ठा किया जा रहा है, जिससे बिहार चुनाव के दौरान उन्हें मतदान करने के लिए घर भेजा जा सके। बीजेपी के इस अभियान को लेकर नेताओं का कहना है कि पार्टी की यह रणनीति पीएम मोदी की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल पर आधारित है। इस पहल का उद्देश्य बिहार में एनडीए को मजबूत करना है। पार्टी द्वारा यह अभियान प्रदेश के सभी 22 जिलों में चलाया जा रहा है।
इस अभियान में बीजेपी नेता अमरजीत सिंह और पार्टी महासचिव डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम नेतृत्व कर रही है। यह टीम प्रदेश में बिहारी प्रवासियों की जानकारी एकत्रित कर रही है।
प्रदेश में बीजेपी की भागीदारी चुनावी पहुंच से परे है और इसकी योजना मतदान के दिन लोगों को उनके घर तक पहुंचाने की है। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि बीजेपी इसी तरह से अपने चुनावों का प्रबंधन करती है।
बीजेपी प्रदेश महासचिव डॉ. अर्चना गुप्ता ने इस अभियान के बारे में यह 2015 में पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तत्वावधान में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे जमीनी कार्यकर्ता बिहार के लोगों से जुड़ने के लिए विभिन्न जिलों और छोटे शहरों में छठ पूजा के आयोजकों से संपर्क कर रहे हैं।
हालांकि हरियाणा में बीजेपी को बिहार के लोगों की सही संख्या का पता लगाना बाकी है, लेकिन 2011 की जनगणना में यह आंकड़ा 3.90 लाख बताया गया था, जिससे उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाद बिहार हरियाणा में प्रवासियों के लिए तीसरा सबसे बड़ा स्रोत राज्य बन गया। बता दें कि सैनी सरकार द्वारा मार्च 2025 में बिहार दिवस मनाना बिहारी प्रवासियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए एक रणनीतिक कदम था।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 243 सीटों में से 225 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए ने बिहार में 174 विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल की थी।