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त्योहारों के मौसम में रुलाएगी महंगाई, गेहूं 8 महीने की ऊंचाई पर, चीनी निर्यात पर लग सकता है प्रतिबंध

Inflation will make you cry: पिछले 6 माह में गेहूं की कीमतें थोक मंडियों में 22% तक बढ़ी और यह 27,390 रुपए प्रति टन तक पहुंच चुकी है। यह कीमत 10 फरवरी 2023 के बाद अपने सर्वाधिक स्तर पर है।

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 wheat and sugar export may be banned during festive season

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही गेहूं की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। मंगलवार को गेहूं की थोक कीमतों ने 8 महीने का रेकॉर्ड तोड़ दिया। त्योहारों की वजह से मांग में काफी तेजी देखने को मिल रही है जबकि सप्लाई सीमित है। अगर घरेलू आटा मिलें विदेशों से भी गेहूं आयात करना चाहें तो उस पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) लगता है, जिसकी वजह से खरीद करना काफी मुश्किल है।

चूंकि एक महीने के भीतर ही 5 अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में विशेषज्ञ कयास लगा रहे हैं सरकार सप्लाई बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इन्वेन्ट्री से ज्यादा स्टॉक जारी कर सकती है और अनाज पर आयात शुल्क खत्म कर सकती है।


चीनी के स्टॉक लिमिट लगा सकती है सरकार

नई दिल्ली में गेहूं की कीमतें मंगलवार को 1.6% बढक़र 27,390 रुपए प्रति टन हो गईं जो 10 फरवरी के बाद सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ सरकार चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकती है, साथ ही घरेलू व्यापारियों के लिए भी स्टॉक लिमिट लगाया जा सकता है। सरकार ने चीनी कारोबार में शामिल सभी हितधारकों को 17 अक्टूबर तक खाद्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपने स्टॉक का खुलासा करने का आदेश दिया था।


सरकार के पास भी गेहूं की कमी

सरकार के पास गेहूं का स्टॉक 01 अक्टूबर को 2.4 करोड़ टन था जो 5 साल के औसत 3.76 करोड़ टन के मुकाबले काफी कम है। सरकार वर्ष 2023 में किसानों से 3.42 करोड़ टन के लक्ष्य के मुकाबले 2.62 करोड़ टन गेहूं खरीदने में कामयाब रही। वहीं, पिछले 6 माह में गेहूं की कीमतें थोक मंडियों में 22% तक बढ़ी और यह 27,390 रुपए प्रति टन तक पहुंच चुकी है। यह कीमत 10 फरवरी 2023 के बाद अपने सर्वाधिक स्तर पर है।

IMAGE CREDIT: wheat and sugar export may be banned during festive season

कब—कब बढ़ी गेहूं की कीमते?

फरवरी में 23.50 से 27.60, मार्च में 24.53 से 28.16, अप्रैल 25.65 से 28.98, मई में 22.10 से 28.88 जून में 25.96 से 29.02 जुलाई में 26.03 से 29.55, अगस्त में 26.62 से 29.87 सितंबर में 26.74 से 29.96, अक्टूबर में 27.39 से 30.29 तक बढ़ी है। बता दें ये सभी किमतें (प्रति किलो रुपए में) है।

सितंबर में इनकी बढ़ी और घटी कीमतें

गेहूं 7.93%, चावल 12.54%, प्याज 35.82%, अरहर 37.34%, जीरा 123% की कीमतें बढ़ी है। वहीं टमाटर 22%, आलू 16%, सरसों तेल 19% और रिफाइंड ऑयल में 23% की कमी आई है ।

चीनी का इतना रहा उत्पादन

देश ने पिछले पांच साल के दौरान 2018-19 में 331.60, 2019-20 में 274.10, 2020-21 में 311.80, 2021-22 में 359.0, 2022-23 में 330.0 लाख टन चीनी का उत्पादन किया।

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