1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत पहुंचा विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर, सुलूर में एयर फोर्स स्टेशन पर दी गई श्रद्धांजलि

दुबई एयर शो क्रैश में शहीद हुए विंग कमांडर नामांश दयाल का पार्थिव शरीर IAF के विशेष विमान से भारत लाया गया, जहां कोयंबटूर के सुलूर एयरबेस पर उन्हें सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Nov 23, 2025

Wing Commander Namansh Syal's mortal remains arrive in India

सुलूर एयरबेस पहुंचा विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर

दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान क्रैश में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नामांश स्याल का पार्थिव शरीर भारत पहुंच गया है। नामांश के पार्थिव शरीर को IAF के एक विशेष विमान C-130 से भारत लाया गया है। दक्षिणी वायु कमान (Southern Air Command - SAC) के कोयंबटूर स्थित सुलूर एयरबेस ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को स्वीकार किया। यहां शहीद के लिए एक औपचारिक सैन्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

गार्ड ऑफ ऑनर से किया सम्मानित

कोयंबटूर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर पवनकुमार जी गिरियप्पनवर ने यहां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वायुसेना के अधिकारी और सैनिक मौके पर मौजूद रहे। नामांश को सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद एयरफोर्स के विशेष विमान से नामांश के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव, कांगड़ा के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं नामांश का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारत लाने से पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सेनाओं ने पूरे फौजी सम्मान के साथ नामांश को विदाई दी थी।

वायु सेना में पार्थिव देह को पहले बेस पर लाने का नियम

वायु सेना में यह नियम है कि शहीद और दिवंगत हुए अधिकारी की पार्थिव देह को पहले उनके बेस पर लाया जाता है, जिससे कि उनके साथी सम्मानित अंतिम विदाई दे सकें। इसके बाद, देह को उनके घर या उस स्थान पर ले जाया जाता है जहां अंतिम संस्कार होना है। इसी नियम का पालन करते हुए, शहीद नामांश की पार्थिव देह को पहले सुलूर एयर बेस ले जाया गया, जहां उनके साथियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनकी पार्थिव देह को उनके माता-पिता, पत्नी और बेटी के साथ उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया है।

दुबई एयर शो के दौरान हुए शहीद

शहीद नामांश हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पटियालकर गांव के रहने वाले थे। वह एक कुशल और अनुभवी पायलट थे और उन्हें दुबई एयर शो के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय लड़ाकू विमान, तेजस को प्रदर्शित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस कार्यक्रम के अंतिम दिन, शुक्रवार को अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अभ्यास उड़ान के दौरान तेजस का संतुलन बिगड़ गया और वह हवा में गोते खाता हुआ जमीन से टकरा कर ब्लास्ट हो गया। इस दुर्घटना में विमान के पायलट नामांश शहीद हो गए।