प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस विधेयक से जुड़े सभी संदेहों और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, हर सदस्य को पूरी जानकारी दी गई है ताकि कोई भ्रम न रहे। उन्होंने कहा, हर तरह की आशंका को दूर किया गया है और जो जानकारी पहले नहीं थी, वह भी अब सभी के सामने रखी गई है।उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार दशकों में महिला आरक्षण के मुद्दे पर काफी राजनीति हुई है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार मिले। उनके अनुसार, यह केवल एक विधेयक नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।