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Agniveer : जंग में हुए जख्मी या मिला गैलेंट्री अवार्ड तो भारतीय सेना में स्थाई कमीशन पक्का

Agniveer Policy For Permanent Commission : अग्निवीरों को स्थाई करने की नीति करीब भारतीय सेना ने तैयार कर ली है। इस नीति के तहत भारतीय सेना में सेवा के दौरान कोई जख्मी हो जाता है तो उसे 25 फीसदी स्थाई कमीशन में प्राथमिकता दी जाएगी।

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Agniveer Policy For Permanent Commission

भारतीय सेना

Agniveer Policy For Permanent Commission : अग्निवीरों को स्थाई करने की नीति करीब भारतीय सेना ने तैयार कर ली है। इस नीति के तहत भारतीय सेना में सेवा के दौरान कोई जख्मी हो जाता है तो उसे 25 फीसदी स्थाई कमीशन में प्राथमिकता दी जाएगी। जख्मी होने के साथ अगर कोई गैलेंट्री अवार्ड भी मिल जाता है तो फिर तो स्थाई कमीशन पक्का ही समझिए। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी युवाओं को भारतीय थल सेना में स्थाई करने का फैसला किया है।

भारतीय सेना विभिन्न अलग कार्य के लिए मिलने वाले अवार्ड के लिए अतिरिक्त अंक देगी। खेल के लिए भी भारतीय सेना अलग अंक दिए। इसके साथ ही कोई अग्निवीर अगर किसी प्रकार की अनुशासनहीनता करता है तो उसे नेगेटिव अंक दिए जाएंगे। फिर जब भारतीय सेना अग्निवीरों का स्थाई कमीशन तैयार करेगी तो इन्हीं अंकों के आधार पर स्थाई कमीशन दिया जाएगा। इसके लिए तमाम मापतंड पर दिए जाने वाले अंक का पैमाना तय हो गया है।

रिकार्ड बनेगा स्थाई कमीशन का आधार
अग्निवीर का बेहतर रिकार्ड ही स्थाई कमीशन का आधार बनेगा। चार साल बाद 25 फीसदी लोगों को ही स्थाई कमीशन दिया जाएगा। इसके लिए पूरी तरह आटोमेटेड सिस्टम तैयार किया गया है। इसमें हर साल टेस्ट, आपरेशन, ट्रेड आदि का मूल्यांकन होगा। यह साल में दो बार होगा। यही स्थाई कमीशन का आधार बनेगा।





भारतीय सेना में पहला बैच जल्द

भारतीय सेना में अग्निवीरों का पहला बैच बहुत जल्द कई यूनिटों में पहुंचने जा रहा है। इसमें से ही 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थाई किया जाएगा। पहले बैच में 19 हजार अग्निवीरों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अगले महीने दूसरे बैच में शामिल करीब 20 हजार अग्निवीरों की ट्रेनिंग भी पूरी हो जाएगी।


टेक सेवी है अग्निवीर

भारतीय सेना में तकनीकी दक्षता और युवाओं क्षमता का बेहतर प्रयोग करने के लिए अग्निवीर को लागू किया गया है। पहली नजर में यह मकसद पूरा होता भी नजर आ रहा है। अग्निवीर के दोनों बैच में पांच फीसदी से अधिक आईटीआई शिक्षा प्राप्त किए हैं और 15 फीसदी अग्निवीर स्नातक हैं। इतना ही नहीं 110 अग्निवीर बीटेक और परास्नातक भी हैं।