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केंद्र सरकार की नई अफीम नीति के बाद कई किसानों के कटेंगे पट्टे

केंद्र सरकार की नई अफीम नीति के बाद कई किसानों के कटेंगे पट्टे

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First to worship the mother Kalika, then put the opium slit in the dum

पहले मां कालिका को पूजा, फिर लगाया अफीम के डोडे में चीरा

नीमच। केंद्र सरकार की नई अफीम नीति के चलते सैकड़ों किसानों के पट्टे निरस्त होने की कगार पर पहुंच गए है। अफीम नीति का जो खाका सामने आया है, वह पूरी तरह किसानो को गुमराह करने वाला है। अब मार्फिन के आधार पर ही पट्टे वितरित होंगे। प्रति हेक्टर ४.५ मार्फिन प्रतिशत देना अनिवार्य है। अफ ीम फैक्ट्री में जिले के 13 हजार 447 अफीम काश्तकारों के अफीम की जांच के बाद करीब 156 किसानों के नमने मिलावट होने पाए गए है। जिसकी रिपोर्ट अफीम फैक्ट्री ने नारकोटिक्स विभाग को सौंप दी है। नारकोटिक्स विभाग द्वारा डिवीजन के अनुसार एक बार और सैंपल जांच के बाद अफीम पट्टो को काटा जाएगा।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन 1 अक्टूबर 2019 के अनुसार मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तरप्रदेश के उन अफ ीम किसानों को 2019-20 में अफीम के पट्टे की पात्रता होगी। जिन्होने बीते फ सल वर्ष में अपनी अफीम में 4.5 प्रतिहेक्टर की दर से मार्फिन प्रतिशत दिया और इस सबसे मे सबसे बडी बात यह है कि अब किसानों को मार्फिन के आधार पर पट्टे दिये जाएंगें। वहीं साथ ही इस वर्ष जारी की गई केन्द्र सरकार द्वारा नई अफीम नीति में यह निकल कर सामने आया है कि किसानों की संख्या घटेगी किसानों द्वारा न्यूनतम औसत देने के बाद भी मार्फिन प्रतिशत पर लायसेंस जारी करने का आदेश जारी हुआ है। मार्फिन प्रतिशत किसान के हाथ में नही होता है, अच्छी क्वालेटी की अफीम देने के बाद भी बहुत सारे किसानों के पट्टे कटेगें। क्?योंकि मार्फिन प्रतिशत 4.5 से कम है। इस वर्ष अफीम नीति में किसानो का रकबा भी कम होगा क्?योंकि अधिकतम किसानो का मार्फिन प्रतिशत 4.5 से 5.2 तक ही है तो उन किसानो को 6 आरी के लायसेंस ही जारी किए जाएंगें जिससे लगता है कि इस वर्ष 30 प्रतिशत रकबा कम हो जायेगा। कुल मिलाकर इस वर्ष जारी की गई अफीम नीति में करीब 5 से 6 हजार अफीम किसानों के पट्टे कट सकतें है।

ये है 2019-20 की अफीम नीति
- जिन किसानों का फसल वर्ष २०18-19 में मार्फिन प्रतिशत 4.5 रहा है। वही किसाना पात्र रहेगे, इस वर्ष औसत आधार पूरी तरह समाप्?त कर दिया गया है।
- वर्ष 19.20 में तीन सेलब में अफीम रकबा जारी किया गया है, मार्फिन प्रतिशत 4.5 से अधिक व 5.4 से कम मार्फिन वाले किसानो को 0.06 आरी मार्फिन प्रतिशत 5.4 से अधिक व 5.9 से कम मार्फिन वाले किसानो को 0.10 आरी मार्फिन प्रतिशत 5.9 से अधिक, अधिक उपज वाले किसानो को 0.12 आरी 3 वर्ष २०18-19 में घोषित अफीम नीति के अनुसार जिन किसानों के नामान्?तरण नही हुवे थें। उन किसानो का भी इस वर्ष अफीम नीति में वारिसा अनुसार नामान्?तरण किये जाएंगें।
- वर्ष 2016-17 और 2017-18 मे कटे किसानो के पट्टे पांच साल की औसत एवरेज निकाल कर पट्टे जारी किये जायेगें शर्त यह रहेगी कि उनके पिछले पाच साल की औसत एवरेज 100 प्रतिशत या अधिक हो 5 वर्ष 2020-21 में पोस्?त खेती के लिये लाईसेंस प्राप्त करने की पात्रता 2019-20 के लिये 5.9 किलो मार्फिन प्रतिशत प्रति हेक्?टर न्?यूनतम उपज देना जरूरी रहेगी।
- किसानो अधिकतम दो भूखण्डो मे अफ ीम की खेती कर सकता है साथ किसाना चाहे तो दूसरे किसानो की जमीन लीज पर लेकर अफ ीम की खेती कर सकता है।
- जिन किसानों की राजस्व भूमि पडौसी गांव में है और उनकी राजस्व सीमा मिलती है तो वहा भी किसान खेती कर सकता है ।

पट्टाधारी किसान की मृत्यु के वारिस भी होंगे पात्र
जिन किसानों के परिवार में पट्टाधारी किसान के दिवंगत उत्तराधिकारी को अनुमति नहीं मिली थी, उसके परिवार के उत्तराधिकारी भी इसके पात्र होंगे और जिन्होने पट्टा जमा नहीं कराया था। वे किसान भी वर्ष २०18-19 में घोषित अफीम नीति में उन किसानो का भी इस वर्ष अफीम नीति में वारिस अनुसार नामान्तरण किये जाएंगें। साथ ही किसानो अधिकतम दो भूखण्डो मे अफीम की खेती कर सकता है एवं किसान चाहे तो दूसरे किसानो की जमीन लीज पर लेकर अफीम की खेती कर सकता है। वहीं जिन किसानों की राजस्व भूमि पडौसी गांव में है और उनकी राजस्व सीमा मिलती है तो वहा भी किसान खेती कर सकता है। केन्द्र द्वारा घोषित नई अफीम नीति से हजारों किसानों को यह लाभ मिलेगा।

जिले में अफीम किसान 11 हजार 573
नीमच जिले को नारकोटिक्स ने तीन डिवीजन में बांट रखा है। जिसमें नीमच फस्र्ट डिवीजन में नीमच और जावद का क्षेत्र आता है। गत वर्ष में जिले के 178 गांव और 3 हजार 572 काश्तकार है। नीमच सैंकड डिवीजन में रामपुराए सिंगोली और जीरन क्षेत्र आते है। जिसमें 198 गांव में 4 हजार 511 काश्तकार है। नीमच थर्ड डिवीजन में मनासा क्षेत्र आता है। जिसमें 130 गांव और 3 हजार 502 किसान है।

156 किसानों के सैंपल हुए फेल
डिवजीन..........क्षेत्र ............काश्तकार..........अमानक
नीमच फस्र्ट......नीमचए जावद......4200............76
नीमच सैंकड.....सिंगोलीए रामपुरा....5002............45
नीमच थर्ड.......मनासा............4246.............34

अफीम नई नीति हुई घोषित
केंद्र सरकार द्वारा अफीम की वर्ष 2018-19 की नई नीति घोषित हो गई है। अब किसानों को एक हेक्टेयर में 4.5 मार्फिन का प्रतिशत देना होगा। जबकि पूर्व में 4.9 मार्फिन का प्रतिशत था। इस बार कम रखा गया है। वहीं औसत खत्म कर मार्फिन की प्रशितता ही पट्टों को जारी करने का आधार रहेगी। नीमच जिले में करीब 150 पट्टे कम मिलावटी अफीम के रूप में जांच में सामने आए थे। जिसकी रिपोर्ट अफीम गोदाम से प्राप्त हुई है। उसकी द्वितीय चरण की जांच चल रही है। जिसके बाद पट्टे निरस्तीकरण की सूची जारी होगी। वहीं पट्टे बहाली का कार्य अगले सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा।
- प्रमोद सिंहए उपायुक्त नारकोटिक्स विभाग नीमच।