नीमच

कोरोना से माता-पिता के निधन के बाद यह बनें बच्चों का सहारा

'पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन' योजना बनी बच्चों की मददगार

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Jan 10, 2023
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नीमच. करोनो संकमण के दौरान जहां लोग दहशत की वजह से घरों में दुबके रहते थे। बाजार में सन्नाटा पसरा रहता था। ऐसी विषम परिस्थितियों में कुछ बच्चों के माता-पिता इस दुनिया को छोड़ गए। आज इस बेसहारा बच्चों के लिए पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना मददगार साबित हो रही है।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर मंयक अग्रवाल की उपस्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय भारद्वाज एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 22 छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में कलेक्टर अग्रवाल ने एक-एक कर सभी छात्र-छात्राओं से चर्चा की। उनसे परिचय प्राप्त किया एवं उनके अध्यापन व निवास, उन्हें मिलने वाली शासन द्वारा सहायता योजना और उनके अध्यापन के बारे में जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास अधिकारी भारद्वाज ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा वर्तमान में कौन, कहां, किसके साथ निवासरत हैं। बच्चों ने चर्चा में बताया कि कोई दादा-दादी, मामा, अंकल, बड़ी बहन, जीजा आदि परिजनों के साथ निवासरत हैं। कलेक्टर ने उपस्थित बच्चों से पूछा कोई भी परेशानी हो तो उन्हें अवगत कराएं। भारत शासन, राज्य शासन ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों ही कोविड-19 के दौरान मृत्यु हुई होई उनको स्वास्थ्य पोषण-शिक्षा के लिए 18 वर्ष की आयु तक मदद करेगा। वर्तमान में पीएम केयर्स योजनांतर्गत शासन निर्देशानुसार बच्चों को 4 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। उक्त राशि से इनका पालन-पोषण अच्छे से हो रहा है। ये स्कूल जा पा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पर्यवेक्षक से इनको मदद मिल रही है कि अगर इनको कोई तकलीफ होगी तो ये उनको बता देंगे, तो भविष्य उज्जवल है। किसी प्रकार की चिन्ता नहीं है। महिला बाल विकास से एक तरह से इनको संरक्षण में ले लिया है। ये बोलते हैं कि अब हमारा भविष्य पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना से है।

Published on:
10 Jan 2023 02:10 pm
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