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एमपी में फैली ये खतरनाक बीमारी, दो की मौत; आनन-फानन में पहुंचे डिप्टी सीएम

MP News: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा में जीबीएस के कारण दो लोगों की मौत हो गई है।

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नीमच

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Himanshu Singh

Jan 17, 2026

MP News: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा में जीबीएस (गुलियन बैरे सिंड्रोम) बीमारी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक कुल 11 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 2 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज, जिला स्वास्थ्य विभाग एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला है।

अस्पताल में भर्ती मरीज स्वास्थ्य पैनल की निगरानी में हैं। जीबीएस बीमारी से अन्य बच्चे भी प्रभावित हुए है। मामले में गंभीरता को देखते हुए शनिवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी नीमच जिले के मनासा पहुंचे व प्रभावित परिजन से मुलाकात की।

बच्चों में दिखाई दिए थे जीबीएस के लक्षण

मंगलवार को रामनगर निवासी सोनू पिता पूरण सोनी 13 वर्ष की सोमवार को मौत होने पर जब उनके निवास पर लोग पहुंचे तो मौत के कारण सामने आया। इसी तरह सिपाही मोहल्ला निवासी केशव पिता अर्जुन 6 वर्ष की मौत अहमदाबाद ले जाते समय रास्ते में हुई। इसके बाद जिन बच्चों में जीबीएस बीमारी के लक्षण दिखाई दिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जीबीएस से पीडि़त बच्चे को परिजन भादवामाता और झाड़-फूंक वाले के पास ले गए थे। जैसे ही इसकी जानकारी मिली बच्चों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया। नगर में करीब 10 दिन पहले जीबीएस की बीमारी बच्चों में फैली है।

दो की मौत, 11 का इलाज जारी

जीबीएस (गुलियन बैरे सिंड्रोम) से मृतकों में सोनू उम्र 15 वर्ष एवं केशव उम्र 6 वर्ष शामिल हैं। अन्य मरीजों में यथार्थ 17 वर्ष उदयपुर में उपचाररत, सिद्धी 10 वर्ष नीमच में उपचाररत, निधि 14 वर्ष इंदौर एमवाय अस्पताल में उपचाररत, कपिल 35 वर्ष इंदौर में उपचाररत 80 प्रतिशत स्वस्थ, अनास 8 वर्ष अहमदाबाद में उपचाररत, धैर्य 17 वर्ष जयपुर में उपचाररत, राम 13 वर्ष इंदौर में उपचाररत, सरल 21 वर्ष इंदौर अपोलो अस्पताल में उपचाररत, युविका 9 वर्ष एमवाय अस्पताल इंदौर में उपचाररत है।

इधर, स्वास्थ्य विभाग उज्जैन के उप संचालक डॉ. संजय कुमरावत का कहना है कि जीबीएस संक्रामक बीमारी नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है। पानी कुछ समय तक उबालकर की पिएं। शरीर में बीमारी से संबंधित लक्षण दिखाई देते ही नजदीकी चिकित्सालय पहुंचें।