
बेटियां पहुंची पिता के प्रतिष्ठान और कार्यालय, पिता के स्थान पर बैठकर सीखे यह गुर
नीमच. पत्रिका अभियान बिटिया इन ऑफिस के तहत जिलेभर की बेटियां अपने माता पिता के कार्यस्थल पर पहुंची। उन्होंने अपने माता पिता के साथ बैठकर वह गुर सीखा, जिसकी दम पर वे प्रतिस्पर्धा के इस युग में डटे हुए हैं। बेटियों ने अपने परिजनों से लिए अनुभव को शेयर किया है।
पूजा, मिली, चित्रा, नेहा और आयुषी ने सीखे अपने माता पिता से यह गुर
ऑफिस का नाम-नगर पंचायत परिषद कुकड़ेश्वर
बेटी का नाम-नेहा मालवीय।
पिता का नाम-दिनेश मालवीय।
अपने पिता के ऑफिस में बैठकर जाना कि वे किस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। मैंने उनके काम करने का तरीका भी सीखा।
ऑफिस का नाम-किराना दुकान, अल्हेड़।
बेटी का नाम-पूजा शर्मा।
पिता का नाम-सीताराम शर्मा।
मैंने शुक्रवार को अपने पिता के साथ उनकी दुकान पर बैठकर काम में उनका हाथ बटाया। मुझे यह जानकार बहुत अच्छा लगा कि वे किस प्रकार अपने ग्रहाकों को अच्छी सेवाएं देकर संतुष्ट करते हंै।
ऑफिस का नाम-सांवलिया ज्वलेर्स कुकड़ेश्वर।
बेटी का नाम-मिली सोनी।
पिता का नाम-उषा सोनी।
मुझे अपनी माता ने बताया कि किस प्रकार की ज्वेलरी का वर्तमान में चलन है। इस दौरान सोने चांदी की पहचान करना भी सीखा।
ऑफिस का नाम-पाटीदार मेडिकल,
बेटी का नाम-चित्रा पाटीदार।
पिता का नाम-मुकेश पाटीदार।
मुझे पापा के साथ काम करने में खुशी होती है। मेडिकल पर आकर मुझे पता चला किस प्रकार से लोगों को विभिन्न चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाईयां दी जाती है।
ऑफिस का नाम-पोरवाल जनरल स्टोर्स, कुकड़ेश्वर।
बेटी का नाम-आयुषी दानगढ़।
पिता का नाम-सुरेश दानगढ़।
बेटी का कथन-मैंने अपने पिता की दुकान पर आकर जाना कि किस प्रकार की सामग्रियों की डिमांड जनरल स्टोर्स में अधिक रहती है। किस प्रकार से विभिन्न वैरायटियां ग्रहाकों की पसंद अनुसार रखनी पड़ती है।
Published on:
21 Sept 2019 12:38 pm
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