नीमच/रतलाम। इनकम टैक्स रिटर्न भरने को लेकर देर शाम तक लोगों में अफरा तफरी मची रही। सोमवार को रिटर्न भरने की अंतिम तारीख होने से सर्वर पर इतना अधिक लोड था कि ओपन ही नहीं हो रहा था। इसके चलते दिनभर कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां लोगों की भीड़ लगी रही।
सुबह से ही बंद हो गया था सर्वर
कर सलाहकार निलेश पाटीदार ने बताया कि सोमवार को इनकम टैक्स भरने की अंतिम तारीख थी। सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। केंद्र सरकार की ओर से भी इस बारे में वृहद स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया था। इसी का परिणाम था कि लोगों में रिटर्न भरने को लेकर डर दिखाई दे रहा था। हालात यह बन गए थे कि आखरी तारीख होने की वजह से लोगों की कर सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंडटेंट और इनकम टैक्स कार्यालय पर भीड़ जमा हो गई थी। सोमवार को ही वित्तीय वर्ष 17-18 के तिमाही का टीडीएस रिटर्न जमा कराने की भी अंतिम तारीख थी। इसके साथ ही वेट टैक्स रिटर्न भरने की भी अंतिम तिथि होने और जीएसटी की वजह से पहले ही कर सलाहकारों और सीए पर अत्यधिक लोड था। सर्वर डाउन होने की वजह से जीएसटी के कार्य में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जीएसटी के लिए भी पेन नंबर आवश्यक है। आयकर विभाग के पोर्टल से इसका वेरिफिकेशन किया जाता है। लेकिन सर्वर डाउन होने से इस कार्य में भी दिक्कतें पेश आ रही थी। ऐसे में काफी ऊहापोह की स्थिति दिनभर बनी रही। इनकम टैक्स रिटर्न भरने का लोड अधिक होने से सुबह से ही सर्वर डाउन था। बीच बीच में कभी खुल भी रहा था तो काम नहीं हो पा रहा था। इससे भी परेशानी काफी बढ़ गई थी।
पेन से आधार लिंक कराने में आई परेशानी
पाटीदार ने बताया कि सोमवार को इनकम टैक्स भरने की अंतिम तारीख होने की वजह से वैसे ही लोग परेशान थे। दूसरी ओर जिन लोगों के पेन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं थे उनके सामने अलग तरह की परेशानी थी। पेन से आधार लिंक नहीं होने की वजह से सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों की इनकम टैक्स विवरणी भरने में परेशानी आई। इसके चलते लोगों को आधार कार्ड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। जिन लोगों के आधार पेन से लिंक तो थे लेकिन दोनों स्थानों जानकारी में अंतर था उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी। शाम को जब इनकम टैक्स भरने की अंतिम तारीख 5 अगस्त करने की घोषणा की गई तब लोगों ने राहत की सांस ली।
ई-गर्वेनेंस इंफ्रॉस्ट्रक्चर दुरुस्त नहीं होने से आई परेशानी
केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न की अंतिम तारीख को लेकर युद्ध स्तर पर प्रचार प्रसार किया था। इसके सार्थक नतीजे भी सामने आए थे। जिन लोगों ने कर जमा था वे भी इसके चलते रिटर्न भरने के प्रति चिंतित दिखाई दिए। इन सबके बीच ई-गर्वेनेंस इंफ्रॉस्ट्रक्चर दुरुस्त नहीं होने की वजह से दिनभर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर शाम को जब इनकम टैक्स भरने की तारीख आगे बढ़ाए जाने की घोषणा हुई तब कहीं जाकर सर्वर पर लोड कम हुआ और कार्य प्रारंभ हो सका।
- निलेश पाटीदार, कर सलाहकार नीमच