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प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों को रख रखाव व साफ-सफाई के लिए एक लाख का बजट

- रखरखाव पर 30त्न व साफ-सफाई पर 10त्न होगा खर्च- प्राचार्य कक्ष की सजावट के लिए नहीं कर सकेंगे बजट खर्च- शाला प्रबंधन समिति का अनुमोदन होना जरूरी
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नीमच

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Virendra Singh Rathore

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Updated: 19 Sep 2023, 8:25 PM IST

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों को रख रखाव व साफ-सफाई के लिए एक लाख का बजट

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों को रख रखाव व साफ-सफाई के लिए एक लाख का बजट

नीमच। शासकीय स्कूलों के सुचारू रूप से संचालन के लिए एकीकृत शिक्षा निधि के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से बजट आंवटन किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र 2023-2024 के लिए राशि को लेकर निर्देश जारी किए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र ने स्कूलों के बेहतर रखरखाव व सफाई व्यवस्था को लेकर सुझाव भी दिए। कुल राशि में से अलग-अलग क्षेत्र में खर्च का प्रावधान है। सरकार द्वारा प्राप्त इस राशि को शाला प्रबंधन समिति के अनुमोदन के बाद ही खर्च किया जाएगा।

जिले में संचालित एकीकृत विद्यालयों के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर 10 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक सालाना राशि देने का प्रावधान किया है। इसका उपयोग विद्यालय भवन के रखरखाव व अन्य जरूरत के सामान को खरीदने के लिए किया जा सकता है। विद्यालय की आवश्यकता एवं सामाजिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए शाला प्रबंधन समिति व विकास समिति द्वारा अनुपातिक रूप से खर्च किया जाएगा।

स्वच्छता पर अनिवार्य रूप से खर्च होगी राशि-
अनुमोदन के बाद शाला को प्रदाय अनुदान की कुल राशि में से 10 प्रतिशत राशि शाला स्वच्छता पर अनिवार्य रूप से खर्च करनी होगी। इसका हिसाब अलग से रखना होगा। वार्षिक अनुदान की राशि का उपयोग प्राचार्य कक्ष की सजावट के लिए, सामग्री व उपकरण खरीदने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा।

प्रतिस्पर्धा, बालसभा पर भी खर्च होगी राशि
एकीकृत शाला निधि का 30 फीसदी भवन के रखरखाव में, प्रयोगशाला उपकरण, पुस्तकालय उपकरण, मरम्मत कार्य, फर्नीचर की मरम्मत. विकासखंड से शाला तक पुस्तक परिवहन, बिजली बिल एवं विद्यालय के पटल व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे। वहीं 10 प्रतिशत राशि स्कूल चलें हम, वार्ड रजिस्टर को खरीदने, जन शिक्षा योजना का निर्माण, शिक्षा चौपाल, शिक्षा सभा, डॉक्यूमेंटेशन सहित अन्य कार्यों में खर्च की जाएगी। ऐसे ही 5 प्रतिशत राशि कहानी प्रतियोगिता, बालसभा आदि में खर्च की जा सकती है। इसके अलावा अन्य भी 5-5 फीसदी राशि का प्रावधान है।

ये रहेंगे वार्षिक अनुदान राशि के मानक
1 से 30 विद्यार्थियों के स्कूल को 10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 31 से 100 विद्यार्थियों वाले स्कूल को 25 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 101 से 250 विद्यार्थियों वाले स्कूल को 50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 251 से 1000 विद्यार्थियों वाले स्कूल को 75 हजार रुपए की राशि 1000 विद्यार्थियों से अधिक वाले स्कूल को एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी।
सीके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी नीमच।