
सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के विरोध ज्ञापन सौंपते हुए।
नीमच. झारखंड में स्थित जैन अनुयायियों की आस्था के केंद्र सम्मेद शिखर को वहां की सरकार ने पर्यटन स्थल बना दिया है। इसके विरोध में रविवार को सकल जैन समाज द्वारा भारत माता चौराहे पर एक घंटे मौन धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही पर्यटन स्थल बनाने के विरोध में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अजय हिंगे को सौंपा।
सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने का जैन समाज ने किया विरोध
ज्ञापन में बताया गया कि पारसनाथ पर्वत राज को बिना जैन समाज की सहमति के इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग और तीर्थ माना जाता है। पारसनाथ पर्वतराज को वन्य जीव अभयारण्य, पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत जोनल मास्टर प्लान व पर्यटन मास्टर प्लान, पर्यटन, धार्मिक पर्यटन सूची से बाहर किया जाए। पारसनाथ पर्वतराज को बिना जैन समाज की सहमति के इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत वन्य जीव अभयारण्य का एक भाग और तीर्थ श्माना जाता है, लिखकर तीर्थराज की स्वतंत्र पहचान व पवित्रता नष्ट करने वाली झारखण्ड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा 2 अगस्त 2019 को जारी की गई अधिसूचना को अविलंब रद्द किया जाए। पारसनाथ पर्वतराज और मधुबन को मांस-मदिरा बिक्रीमुक्त पवित्र 'जैन तीर्थस्थल' घोषित किया जाए। पर्वतराज की वंदना मार्ग को अतिक्रमण, वाहन संचालन व अभक्ष्य सामग्री बिक्री मुक्त कर यात्री पंजीकरण, सामान जांच हेतु सीआरपीएफ व स्कैनर, सीसीटीवी कैमरे सहित दो चेकपोस्ट चिकित्सा सुविधा सहित बनाए जाएं। पर्वतराज से पेड़ों की अवैध कटाई, पत्थरों का अवैध खनन और महुआ के लिए आग लगाना प्रतिबंधित किया जाए। श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन धार्मिक एवं सामाजिक ट्रस्ट द्वारा ज्ञापन की प्रति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री झारखंड को भी प्रेषित की है।
Published on:
11 Dec 2022 08:26 pm

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