
नीमच/ गांधी सागर डैम लबालब है। डैम के सारे गेट खोल दिए गए हैं। भारी बारिश और डैम के पानी की वजह से मंदसौर और नीमच में हालात बिगड़ गए हैं। स्थिति ऐसी है दोनों ही शहरों और सैकड़ों गांवों में पानी भर आया है। इस पानी में हजारों लोग फंस गए थे। एनडीआरएफ की टीम लगातार घरों फंसे लोगों को बाहर निकालकर ला रही है। मंदसौर और नीमच से करीब दो सौ से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
मंदसौर के मल्हारगढ़ में दो दिनों से पानी भरा हुआ है। शनिवार की रात स्थिति काफी बिगड़ गई थी। क्योंकि शहर में सड़कों पर सिर्फ सैलाब ही सैलाब था। उसके बाद रेस्क्यू करने के लिए एनडीआरएफ की टीम पहुंची। रात के अंधेरे में मल्हारगढ़ से सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ के जवान देवदूत बनकर लोगों की मदद कर रहे हैं। जिला प्रशासन के द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है।
वहीं, गांधीसागर बांध से प्रभावित मंदसौर जिले के 24 गांवों में राहत और बचाव दल पहुंच गया है। 21 गांव शाम 5 बजे तक खाली करा लिए गए हैं। स्टेट और एनडीआरएफ की टीमें भी मंदसौर भेजी गई हैं। एसडीआरएफ के साथ स्थानीय पुलिस गांव खाली करा रही है। गांव खड़ावदा, मोलीखेड़ी, खेराखेड़ा, भाट बंजारा, बंजारी, बालोदा, रूपपुरा, खेड़ा, रामनगर, बर्रामा, ढाबला मोहना गांव में पानी घुस गया है।
नीमच में बस स्टैंड में घुसा पानी
इसके साथ नीमच शहर को तो सैलाब पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया है। बस स्टैंड से लेकर मकान तक डूब गए हैं। फिलहाल स्थिति समान्य भी नहीं हो रही है। क्योंकि बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में डूबे हुए इलाकों को एनडीआरएफ की मदद से खाली करवाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन भी लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।
150 लोगों को निकाला
बाढ़ प्रभावित नीमच में एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चला रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से करीब 150 लोगों को बाहर निकाला गया है। अभी भी वहां रेस्क्यू जारी है। राहत शिविरों में पीड़ित लोगों को ठहरने की व्यवस्था की गई है।
Published on:
15 Sep 2019, 7:03 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.