वनपरिक्षेत्र नीमच का दूसरा अनुभूति कैंप जलेश्वर महादेव में संपन्न
नीमच. वन परिक्षेत्र नीमच का दूसरा अनुभूति शिविर जीरन तहसील के जलेश्वर महादेव क्षेत्र में लगा। अनुभूति शिविर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जीरन की छात्राएं शिक्षकों के साथ शामिल हुईं। शिविर के दौरान छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं वन अधिकारियों की देखरेख में जलेश्वर महादेव के समीप वनक्षेत्र का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान दो स्थानों पर तेंदुए के पगमार्क भी देखे।
वन पर मानव की निर्भरता के बारे में छात्राओं को बताया
अनुभूति शिविर में समन्वयक एवं रेंज अधिकारी नीमच शरद जाटव ने छात्राओं को वन, पर्यावरण, वनस्पति तथा वन्यप्राणियों के महत्व उनके संरक्षण, वन विभाग के कार्य, मानव एवं वन्यप्राणी द्वंद आदि के बारे में जानकारी दी। साथ ही वन पर मानव की निर्भरता को विस्तार से समझाया। अनुभूति प्रेरक गजेंद्र जैन ने अनुभूति शिविर के महत्व उद्देश्य, वन मे देखे जाने वाले वन्यप्राणी, पक्षियों की पहचान एवं उनके महत्व और संरक्षण के बारे मे छात्राओं को जानकारी दी। भ्रमण के अंत मे रेंज अधिकारी जाटव ने छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया। उन्हें वन एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इसके बाद छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं उपहार स्वरूप ड्राइंग, किट प्रदाय की गई। यह अनुभूति कैंप वनमंडलाधिकारी विजयसिंह के निर्देशन तथा उप वनमंडलाधिकारी राजाराम परमार के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। इसमे रेंज अधिकारी शरद जाटव, अनुभूति प्रेरक गजेंद्र जैन, रेंज सहायक जीरन मांगीलाल मालवीय, सबरेंज जीरन एवं सबरेंज नीमच के वनकर्मी, शासकीय कन्या उमावि जीरन से शिक्षक भूपालसिंह चौहान, लक्ष्मीनारायण पाटीदार एवं अन्य शिक्षकगण स्कूली छात्राओं के साथ उपस्थित थे।