
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री।
नीमच. मन चंचल है तो दुख मिलेगा। मन के अनुसार चले तो समाधि नहीं मिलती है। मन शांत होता है तो जीवन में आनंद आता है। धन संपत्ति से सुख नहीं मिलता है। संतों के पास कुछ नहीं होता है, लेकिन आत्मीय सच्चा सुख होता है।
यह बातश्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पाश्र्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ के तत्वावधान में बंधू बेलडी पूज्य आचार्यश्री जिनचंद्र सागर मसा के शिष्य रत्न नूतन आचार्यश्री प्रसन्नचंद्र सागर मसा ने कही। वे चातुर्मास के उपलक्ष्य में मिडिल स्कूल मैदान के समीप जैन भवन में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जितने साधन ज्यादा उतने दु:ख ज्यादा होते हैं। विषय कसायों से दूर रहते हैं, वही साधना कर सकते हैं। आज आधुनिक युग में मनुष्य सहनशील नहीं रहा। इसी कारण उसका विकास नहीं हो पा रहा है। युवा वर्ग छोटी-छोटी बातों पर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा रहा है। 50 साल पहले के समाचार पत्र पढ़े तो एक महीने में एक आत्महत्या होती थी। आज इन खबरों से अखबार भरे पड़े हैं। चिंतन का विषय है। युवा वर्ग आखिर तनाव में क्यों है। चिंतन का विषय है। वर्ग अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर नहीं जा पा रहा है। मनुष्य ने विकास किया है। पैसा पदार्थ शोक साधन बढ़े, लेकिन अपेक्षा भी बढ़ गई। पहले गरीबी थी, लेकिन संतोष था। अमीरी हो गई है, लेकिन संतोष भी नहीं है। आज मनुष्य सब कुछ होने के बाद भी कंगाल है। पहले कुछ नहीं था फिर भी खुशहाल और आनंद में था। ०जैन भवन में आयोजित कार्यक्रम में तपस्वियों के बहुमान में श्री नवकार जय नवकार मंत्र जाप सामूहिक रूप से किया गया। इस अवसर पर अष्ट प्रकारी पूजा की गई। 9 दिवसीय सिद्धाचल तपस्या के उपलक्ष्य में नवकार मंत्र के पाठ पर फल नैवेध चढ़ाकर आशीर्वाद ग्रहण किया। चांदी के नवकार मंत्रपठ को गुलाब के फूलों रंग-बिरंगे विद्युत बल्ब से सुंदर शृंगार किया गया। ओम रिम मंत्र के उच्चारण के साथ दीपक प्रजवलित कर श्रीफल चढ़ाया गया। श्री संघ अध्यक्ष अनिल नागौरी ने बताया कि धर्मसभा में तपस्वी मुनिराज पावनचंद्र सागर मसा एवं पूज्य साध्वीश्री चंद्रकला की शिष्या भद्रपूर्णाश्रीजी आदि ठाणा 4 का भी चातुर्मासिक सानिध्य मिला। धार्मिक चढ़ावे की बोली लगाई गई। इसमें समाजजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उपवास, एकासना, बियासना, आयम्बिल, तेला आदि तपस्या के ठाठ लग रहे हैं। धर्मसभा में जावद, जीरन, मनासा, नयागांव, जमुनिया, जावी आदि क्षेत्रों से श्रद्धालु भक्त सहभागी बने। धर्मसभा का संचालन सचिव मनीष कोठारी ने किया।
Published on:
07 Sept 2023 01:13 pm
बड़ी खबरें
View Allनीमच
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
