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दिनदहाड़े लूट करने वाले इन अपराधियों को मिली यह बड़ी सजा

- किसान के साथ सरेराह की थी वारदात- पुलिस ने चिन्हित अपराधों में शामिल किया था

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सश्रम कारवास और एक लाख रूपए जुर्माना

नीमच. एक किसान के साथ दिनदहाड़े लूट की वारदात करने वाले अपराधियों को न्यायालय ने अहम फैसले में बड़ी सजा से दंडित किया है। अपराधियों में एक बाल अपचारी शामिल है लिहाजा उसके बारे में प्रकरण विचाराधीन है। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इसे चिन्हित अपराधों में शामिल कर अनुसंधान एवं न्यायालयीन कार्रवाई की थी।
घटना के अनुसार फरियादी शंभूलाल मालवीय निवासी ग्राम अचलपुरा, थाना मनासा 12 जनवरी २०18 को गांव अचलपुरा से उसके मौसी के लड़के मांगीलाल निवासी नेवड़ को रुपए देने के लिए दिन में अपनी बाइक एमपी 44 एमएच 7092 से जा रहा था। जावी-चारण पिपल्या के बीच जंगल के रास्ते में करीब 3.45 बजे वह लघुशंका करने रुका। साइड में उसने बाइक खड़ी कर दी। इस दौरान जावी तरफ पीछे से बाइक पर तीन लड़के आए और उसके पास खड़े हो कर बोले कि तू एक्सीडेंट करके आया है। शंभूलाल ने ऐसी किसी घटना से मना किया तो एक युवक ने उसकी पेंट के पीछे की जेब से पर्स निकाल लिया और दो लड़कों ने उसके कंधे से बेग छीन लिया। फरियादी को धमकाया कि रिपोर्ट की तो जान से मार देंगे। अज्ञात आरोपी शंभूलाल से बाइक का आर.सी. कार्ड, आधार कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस कॉपी एवं एस.बी.आई. बैंक का ए.टी.एम. कार्ड एवं नगदी १ लाख १८ हजार लूटकर फरार हो गए। फरियादी की शिकायत पर सिटी थाने पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया गया। सार्वजनिक मार्ग पर दिनदहाड़े इस तरह की घटना के मद्देनजर एसपी तुषारकांत विद्यार्थी ने इसे चिन्हित अपराधों में शामिल किया था जिसके लिए नोडल अधिकारी एसआई केएस सिसौदिया को बनाया गया। विवेचना के दौरान आरोपी विकास पिता कैलाश मालवीय (२२), विजय सिंह पिता बंसतीलाल मालवीय बाछड़ा (२१), एवं एक बाल अपचारी को २५ जनवरी को गिरफ्तार कर लूटा गया माल बरामद किया गया। विवेचना उपरांत 24 मार्च को प्रकरण न्यायालय पेश किया गया।
अभियोजन की ओर से फरियादी सहित साक्षियों के कथन न्यायालय के समक्ष करवाए गए। जिससे अपराध प्रमाणित करने में सफलता मिली। दंड के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरआर चौधरी ने तर्क दिया कि दिनदहाड़े सार्वजनिक मार्ग पर जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया है वह आरोपियों की आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाता है। ऐसे आरोपियों को कठोर दंड दिया जाना चाहिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीपकुमार व्यास द्वारा आरोपी विकास, विजय सिंह को लूट के अपराध में १०-१० वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया। आरोपियों में से एक बाल अपचारी का प्रकरण विचाराधीन है।