30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नीमच

video News… माहेश्वरी समाज ने मनाया गया प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव

श्री राम मंदिर पर हुई महाआरती

Google source verification

नीमच

image

Mukesh Sharaiya

Apr 01, 2023

नीमच. राम नवमी के अवसर पर गुरुवार को माहेश्वरी समाज द्वारा पुस्तक बाजार के समीप स्थित श्रीराम मंदिर पर प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।

इस दौरान सुबह प्रभु श्रीराम का अभिषेक किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही देर शाम यहां भजन कीर्तन का आयोजन भी महिला मंडल द्वारा किया गया। श्रीराम मंदिर के पुजारी पंडित जीवन तिवारी ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार प्रभु श्री राम का यह 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 121वां जन्मोत्सव है। आज प्रभु श्री राम के जन्मोउत्सव के अवसर महाहेश्वरी समाज द्वारा विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर महाहेश्वरी समाज द्वारा विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। इसमें आज श्रीराम मंदिर पर सुबह श्रीराम का अभिषेख किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे यहां महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इसी दिन देर श्याम महिला मंडल द्वरा आरती के बाद भजन मंडली का आयोजन किया गया। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस साल रामनवमी गुरुवार को मनाई गई है। मान्यता है कि धर्म की पुनस्र्थापना के लिए भगवान विष्णु ने प्रभु श्रीराम के रूप में अपना सातवां अवतार लिया था। इसी उपलक्ष्य में हर साल धूमधाम से राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। राम नवमी के अवसर पर देशभर के समस्त राम मंदिरों में प्रभु श्रीराम की पूजा अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में राम नवमी के पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान राम के साथ मां दुर्गा की नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की पूजा होती है। इसके अलावा इस साल राम नवमी पर अत्यंत दुर्लभ योग का निर्माण भी हुआ है, जो कई राशियों के लिए शुभ साबित होने वाला। दरअसल इस साल राम नवमी पर सूर्य, बुध, गुरु मीन राशि में होंगे। इसके अलावा शनि कुंभ में और शुक्र और राहु मेष राशि में विराजमान हैं। इस दौरान मालव्यए केदार, हंस और महाभाग्य जैसे योग बनेंगे। इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु पुष्य योग और रवि योग का संयोग बन रहा है।