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नीमच. वैसे तो पूर्णिमा के दिन हस्त नक्षत्र में पवन पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। लेकिन यह दिन शनिवार को आने से हनुमान जयंती का महत्व कई गुणा बढ़ जाता है। इस बार इन तीनों योग के साथ ही ध्रुव योग भी होने के कारण यह दिन श्रद्धालुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। क्योंकि यह योग पिछले ८४ साल बाद आया है।
यह बात पंडित पवन पारीक ने बताते हुए बताया कि इस बार ३१ मार्च को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती विशेष फलदायी रहेगी। क्योंकि हनुमान जयंती शनिवार को होने के साथ ही हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग भी रहेगा। वहीं चंद्र देव कन्या राशि और भगवान सूर्यनारायण मीन राशि पर विद्यमान रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह योग पहले ३१ मार्च १९३४ को बना था, जब यह चारों योग एक साथ थे। यह योग उन लोगों के लिए काफी लाभदायक रहेंगे। जिनको शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है। ऐसे लोग इस दिन हनुमानजी की आराधना कर भागवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
इस बार भी शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों पर हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन शहर के स्टेशन रोड स्थित चौकन्ना बालाजी मंदिर, बघाना स्थित बड़े बालाजी, जमुनिया बालाजी, खेड़ापति बालाजी बघाना, शिक्षक कॉलोनी स्थित मंशापूर्ण बालाजी, जूना सत्यनारायण मंदिर स्थित बालाजी, ग्वालटोली स्थित बालाजी आदि मंदिरों में हनुमान जयंती के दिन सुबह से ही अभिषेक, पूजा अर्चना, चोला चढ़ाने सहित भंडारे व संगीतमय रामायण, सुंदरकांड पाठ के आयोजन होंगे। जिसके चलते सभी मंदिरों में जोरशोर से तैयारियां चल रही है।
मंगल होगा शांत, मिलेगी सुख समृद्धि
जानकारों की माने तो ग्रहों के सेनापति के रूप में मंगल ग्रह को माना जाता है। ये शक्ति , ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम के स्वामी हैं। शास्त्रानुसार मंगलदेव अग्नि तत्व प्रधान देवता हैं। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। ज्योतिषानुसार यह शनि की राशि मकर राशि में उच्च का प्रभाव देते हैं तथा चंद्रमा की राशि कर्क में नीच का प्रभाव देते हैं। मंगल ग्रह व्यक्ति को शारीरिक और आत्मिक बल प्रदान करते हैं। मंगल प्रधान वयक्ति निर्णायक, नायक, योद्धा और अडिग होते हैं। एकादश रुद्रावतार हनुमानजी मंगल के अधिष्टाता हैं। इस कारण राम भक्त हनुमान की पूजा-उपासना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन हनुमान जयंती आने से विशेष फलदायी है।
इस महायोग से मिलेगी शनि पीड़ा से राहत
हनुमान जयंती पर ग्रह नक्षत्रों का यह महायोग अत्यंत शुभ है। इस दिन व्यक्ति भगवान की भक्ति कर शनि के कुप्रभाव से मुक्ति पा सकते हैं। पंडित पवन पारीक ने बताया कि दण्ड नायक व न्याय के देवता शनि ग्रह का भ्रमण गुरु की राशि धनु पर है जिसके चलते वृश्चिक, धनु, मकर, राशि पर साढ़े साती एवं वृष, कन्या राशि पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा। शनिवार हनुमान जयंती होने से शनि राहुकेतु ग्रह की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। इस दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाने का विशेष महत्व है।
राशि अनुसार यह करें हनुमान जयंती पर
मेष- लाल चंदन की माला चढ़ाए।
वृष- सफेद चंदन चढ़ाएं।
मिथुन- पांच तरह के फल चढ़ाए।
कर्क- चमेली के तेल से दीपक लगाए।
सिंह- गुड़, पताशे का भोग अर्पित करें।
कन्या- बूंदी के लड्ढू का भोग लगाएं।
तुला- इत्र, पुष्प चढ़ाएं।
वृश्चिक-गुड़ चने का प्रसाद बांटे।
धनु- पीली पोशाक चड़ाएं।
मकर- तिल्ली के तेल का दीपक लगाएं।
कुंभ- चोला चढ़ाए एवं पताशे बांटे।
मीन- इत्र व श्रीफल चढ़ाए।
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Published on:
28 Mar 2018 11:28 pm
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