नीमच। शहर सहित आसपास क्षेत्र में पैर पसार रही क्रिप्टों करेंसी पर ट्रेडिंग करने वाले एमटीएफई ग्रुप के अचानक से बंद होने पर कई निवेशकों के पसीने छूट गए हैं। वहीं नीमच के कंपनी के सीईओ हुजैफा जमाली को पुलिस ने गिरफ्त में लेकर लंबी पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। हालांकि कंपनी अपने लीगल दस्तावेज पुलिस के सामने अभी तक पेश नहीं कर पाई है। वहीं सीईओ जमाली ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर रखे और दफ्तर पर ताला लगाकर नदारद हैं।
ज्ञातव्य है कि बीते लंबे समय से नीमच जिले में कम समय में ज्यादा रूपये कमाने वाली कंपनी एमटीएफई और उसके कर्ताधर्ताओं के बोरियां बिस्तर समेटने की खबरे सामने आने लगी है। एफटीएफई को नीमच में संचालित करने वाले हुजैफा जमाली को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लंबे समय तक पूछताछ की है, जमाली का स्वास्थ्य खराब होने पर उसे अस्पताल भी पहुंचाया था। लेकिन अभी तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। हालांकि अभी जमाली को पुलिस ने घर भेज दिया है। गौरतलब है कि, बीते लंबे समय से नीमच जिले में एमटीएफई कंपनी लोगों को ऑनलाइन एप्प के माध्यम से रूपये कमाने की शॉर्ट ट्रिक बाजार में आई, ऐसे में आमजन लोगों ने इसके झांसे में आकर करोड़ों रूपये भी इस एप्प में फूंक दिए, लंबे समय तक मोटी कमाई एठने के बाद धीरे-धीरे इस कंपनी का सरवर धीमा होने लगा, और फिर एकाएक कंपनी के कर्ताधर्ता भी अपना बोरियां बिस्तर बांधकर रफूचक्कर होने की चर्चाएं भी शहर में होने लगी। ऐसे में कम समय में ज्यादा रूपया कमाने के लालच वाले आम लोगों को करोड़ों का नुकसान भी झेलना पड़ा।
जिले में लोगों ने लगाया करोड़ों रूपयों का दांव
जानकारी यह भी सामने आई है कि, यह कंपनी नीमच जिले में पिछले करीब 8 से 9 महीनों से संचालित हो रही है। इसे हुजैफा जमाली बोहरा नाम का व्यक्ति चला रहा था और वहीं लेकर आया। शॉर्ट टाइम में रूपये कमाने को लेकर उसके द्वारा कई सेमिनार भी आयोजित किए गए। फिर यहां शामिल लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई को एमटीएफई में फूंका। फिर देखते ही देखते रूपयों का यह आंकड़ा करीब 200 करोड़ पर पहुंच गया। अब इसके ऑफिस पर ताले लगे मिल रहे है, और निवेशक परेशान हो रहे है।
इनका यह कहना है
एमटीएफई को नीमच में संचालित करने वाले हुजैफा जमाली को थाने पर बयान लेने के लिए बुलाया था। फिर बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें भेज दिया गया। चूंकि वर्तमान में किसी भी निवेशक की और से लिखित में शिकायत नहीं आई है, तो पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं कर सकती। अभी एक शिकायत आई है। जिस पर जांच चल रही है। वहीं आरोपी जमाली से कंपनी के दस्तावेज मांगे है। जिसमें रजिस्ट्रेशन, कंपनी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर, कितने लोगों को निवेश है। इस बारे में जानकारी मांगी गई है। वहीं अभी तक कंपनी के रजिस्टे्रशन के दस्तावेज तक पेश नहीं किए है, कंपनी हवा में चल रही थी।
– पीएस परस्ते, सीएसपी नीमच।