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video मादक पदार्थ की तस्करी के कालेधंधे में पुलिस के भी हाथ काले

- 15 दिन में जिले में दो बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल - दो टीआई निलंबित और जांच एएसपी के हाथों में

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video मादक पदार्थ की तस्करी के कालेधंधे में पुलिस के भी हाथ काले

नीमच। जिले में इन दिनों मादक पदार्थ की तस्करी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर कई प्रकार के सवाल उठ खड़े हुए है। मादक पदार्थ के अवैध काले धंधे में पुलिस के हाथ भी काले होते कई आरोपों से नजर आ रहे हैं। हालांकि आरोपों के लगने के साथ ही एसपी राकेश कुमार सगर ने तत्परता दिखाते हुए दो टीआई को अभी तक निलंबित कर जांच एएसपी जितेंद्र सिंह पंवार के हाथ में सौंप दी है। लेकिन लगातार इस प्रकार की कार्रवाई अगर नजर आएगी तो आमजन का तो पुलिस से विश्वास ही उठ जाएगा। जबकि लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने वाली सरकार सबसे बड़ी एजेंसी है।

केस: १- बांगरेड गांव के ग्रामीण और बंजारा समाज के लोगों ने बुधवार को एसपी राकेश कुमार सगर को ज्ञापन देकर मांग की कि जावद के बांगरेड का खेड़ा गांव निवासी बद्रीलाल पिता किशना बंजारा की ओर से आवेदन प्रस्तुत किया कि वह कृषि कार्य करता है ताथा प्रार्थी का पुत्र गोपाल पिता ब्रदीलाल बंजारा है। पुुलिस थाना जावद की चौकी सरवानिया महाराज के द्वारा दिनांक 8 फरवरी को चौकी प्रभारी के द्वारा चौकी में पदस्थ पुलिस कर्मचारी उमेश चौहान, आरक्षक दिलीप, मुकेश चौहान व चरण सिंह के द्वारा मोरवन रोड वनरक्षक बसेड़ी भाटी के यहां से आरोपी संजय पिता राधेश्याम धाकड़ और घीसालाल पिता मोहनलाल धाकड़ दोनों निवासी ग्राम चौकड़ी थाना मनासा के विरूद्ध एनडीपीएस का 22 किलो अफीम का प्रकरण बनया और उस प्रकरण में उसके पुत्र गोपाल चंदेल का नाम भी शामिल किया गया है। जबकि उसके पुत्र का इस मामले में किसी भी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं उसने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ओपी मिश्रा ने १५ लाख रुपए की मांग की थी। वहीं राशि नहीं देने पर पुत्र के खिलाफ धारा 8/18, 29 एनडीपीएसएक्अ के तहत असत्य प्रकरण में पुलिस थाना जावद व उनके अन्य पुलिसकर्मी ने जबरन नाम डाला है। वहीं 20 जनवरी 2019 को पुत्र गोपाल चंदेल का सात किलो अफीम व १२६ किलो डोडाचूरा के मामले में जबरन आरोपी बनाया गया है। उसमे भी थाना प्रभारी ओपी मिश्रा ने १० लाख रुपए की मांग की थी।थाना प्रभारी को दस लाख रुपए नहीं देने पर झूठा प्रकरण दर्ज कर लिया। हालांकि एसपी ने मामले में मंगलवार को जावद टीआई ओमप्रकाश मिश्रा को निलंबित कर जांच एएसपी जितेंद्र सिंह पंवार को सौंपी है।

केस: 2-सिंगोली पुलिस द्वारा धान के बोरों के बीच छिपाकर अवैध डोडाचूरा के आठ बोरों में करीब 170 किलोग्राम डोडाचूरा सिंगोली पुलिस ने जब्त किया था। जिसमें पुलिस ने कार्रवाई भी की है और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन शिकायत में उल्लेख है कि तस्करों को पुलिस ने दो दिन पहले पूछताछ में लिया था। जिसकी जांच की जा रही है। वह कोटा से कब निकले और कहा रूके और कब सिंगोली पहुंचे। यहां पर कहां रूके कितनी देर में माल भरा। यह पूरा समय कोटा की मोबाइल ट्रेस लोकेशन मल्टीप्लाई कर जांच में निकाला जाएगा। वहीं थाने पर कब आरोपियों को लाया गया। यह सब जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रक को जब्त करने के दौरान उनकी पायलेटिंग कर रहे उनके पीछे जीप लेकर आए तीन बदमाशों के बारे में भी वह पता नहीं लगा पाए कि वह भी तस्कर है और उनके साथी है। एसटीएफ की टीम उनके पीछे से पहुंची और एके-४७ रखने की सूचना पर उन्हें पकड़ा। तब पता चला कि वह तस्कर है। जिसके बाद थाना पुलिस ने तीनों पर भी प्रकरण दर्ज किया गया। यह भी टीआई की लापरवाही रही है। हालांकि एसपी ने मामले में थाना प्रभारी समरथ सीनम को निलंबित कर दिया है और जांच एएसपी जितेंद्र सिंह पंवार के पास चल रही है।

जल्द होगी जांच पूरी
विगत दिनों मादक पदार्थ तस्करी के मामले में थाना प्रभारियों की कार्रवाई पर लगे आरोपों के चलते एसपी ने उन्हें निलंबित कर जांच एएसपी जितेंद्र सिंह पंवार को सौंपी है। जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पर कार्रवाई भी होगी। पुलिस भी समाज का अंग है। समाज में जिस प्रकार का माहौल है, उसे हमे सुधारने की आवश्यकता है। जांच रिपोर्ट मुश्किल से 10 से 12 दिन में पूरी हो जाएगी।
- गौरव राजपूत, डीआईजी रतलाम रेंज।