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महागढ़ गांव में सरपंच को ग्रामीणों ने पीटा

- अतिवृष्टि की समस्या को लेकर गए ग्रामीणों से संरपंच ने की थी गाली गलोच- मौके पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों से हो रही पूछताछ

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महागढ़ गांव में सरपंच को ग्रामीणों ने पीटा

महागढ़ गांव में सरपंच को ग्रामीणों ने पीटा

नीमच। मनासा तहसील के महागढ़ ग्राम पंचायत में तेज बारिश और आंधी में ग्रामीणों के कच्छे मकान की छपरे उडऩे की आपदा के बाद भी महिला सरपंच और उसके पति के मौके पर नहीं पहुंचने और राहत नहीं देने पर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने रविवार सुबह साढे़ आठ बजे उसे घर से बुलाकर बस स्टेंड के पास लाकर जमकर पिटाई कर दी। जिसका वीडियों वायरल भी हुआ है। मामले की शिकायत सरपंच पति यौवनप्रसाद चौधरी ने मनासा थाने पर दर्ज कराई है।
महागढ़ गांव निवासी यौवनप्रसाद चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी संतोष बाई महागढ़ ग्राम पंचायत की सरपंच है। वह पारिवारिक कार्य से शनिवार को बाहर गया हुआ था। इस दौरान शनिवार को तेज बारिश और आंधी के चलते नालेश्वर कॉलोनी में १०-१५ कच्चे मकान के छपरे उड़ गए थे। वास्तव में नुकसानी भी हुई है। वह देर शाम को आए और इस दौरान कानखेड़ी गांव में बस फंस गई थी। वहां पर वह चले गए। इस दौरान पूर्व सरपंच बने सिंह से भी उनकी फोन पर बात हुई थी उन्होंने कहा कि बारिश के चलते कुछ मकान में नुकसानी हुई है, लेकिन कोई हताहत नहीं है। बरथुन स्कू ल में सभी के ठहरने की व्यवस्था कराई गई थी। बरथुन सरपंच से भी उन्होंने बातचीत कर ली थी। व्यवस्था होने के चलते वह नहीं गए और रात को लेट होने के कारण घर पर जाकर सो गए। इसी दौरान दूसरे दिन रविवार सुबह करीब साढे आठ बजे घर पर राजपूत समाज के लाखन सिंह उर्फ रघुवीर पिता मदन सिंह, रणजीत पिता मदन सिंह, दिलीप पिता जितेंद्र सिंह, बलवंत पिता जितेंद्र सिंह, अर्जुन पिता सुरेश खटीक और कैलाश खटीक के पुत्र सहित अन्य उन्हें घर से बुलाकर मौके पर लेकर जा रहे थे। उनका कहना था कि मौके पर पंचायत सचिव, पटवारी कमल सिंह, रोजगार सहायक पवन शर्मा इत्यादि जांच के लिए आए है। वह वहां जा रहे थे। इसी दौरान बस स्टेंड के पास इन लोगों ने अचानक से गाली-गलोज कर मारपीट शुरू कर दी। उनका आरोप था कि वह रात को उन्हें देखने नहीं आया और न ही कोई व्यवस्था की।

सरपंच न देखने आया और न ही कि राहत व्यवस्था
ग्रामीणों का कहना था कि नालेश्वर कॉलोनी में करीब ४०-५० मकान है। शनिवार रात को तेज बारिश और आंधी में २०-२५ कच्चे मकानों की छपरे उड़ गए और किसी दीवार ढ़ही है। मकानों में नुकसानी के दौरान सरपंच मौके पर नहीं पहुंचा और न ही उसके द्वारा पीडि़तों को राहत देने और उनके ठहरने व अन्य सहायता की व्यवस्था की गई। जिसके चलते ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया और उसके साथ मारपीट हुई है।

शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी
सरपंच ने मारपीट की कुछ नामजद और अन्य के खिलाफ मारपीट की शिकायत दी है। वायरल वीडि़यों की जांच कर मारपीट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप सिंह तौमर, थाना प्रभारी मनासा।