
नीमच/ किसी भी काम को करने से पहले लोग प्लानिंग करते हैं। अगर आपकी किसी गोपनीय काम की प्लानिंग लीक हो जाए तो समझिए उसका हर्ष क्या हो होगा। मध्यप्रदेश के नीमच में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां बीस रुपये का नोट दिखाने पर एक युवक को दस लाख रुपया मिलने वाला था। लेकिन कोड वर्ड की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल गई थी। इसलिए बीस रुपये का नोट दिखाने पर युवक जेल पहुंच गया।
दरअसल, यह प्लानिंग एक आपराधिक गिरोह का था। जिसने दस लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए बीस रुपये का नोट अपनी पहचान के तौर पर इस्तेमाल करना था। कोड वर्ड के राज जानने से पहले इस मामले को समझ लीजिए। हुआ यह कि नीमच में होंडा शोरूम संचालक मोहम्मद हुसौन आरीफ दाउदी बोहरा को फोन पर एक धमकी भरा कॉल आया। उनसे पच्चीस लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
21 नवंबर को केस
पीड़ित शोरूम संचालक 21 नवंबर को ही सुबह साढ़े ग्यारह से सवा बारह बजे के बीच अपराधियों का छह बार कॉल आया। कॉल करने वाला शख्स खुद का नाम चुन्नु लाला बता रहा था। वह शोरूम संचालक के दादाजी को भी फोन कर रहा था और पच्चीस लाख रुपये की मांग कर रहा था। शोरूम संचालक ने उसी दिन नीमच के कैंट थाने में मामला दर्ज करवाया था।
10 लाख में हो गई डील
पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद भी अपराधी रंगदारी की मांग को लेकर फोन कर रहे थे। इस बीच शोरूम संचालकर और अपराधियों में दस लाख रुपये पर डील हो गई। अपराधी ने उधर से फोन पर शोरूम वाले को बोला कि मेरा एक लड़का पैसा लेने के लिए जाएगा। इस बात की जानकारी शोरूम संचालक ने पुलिस को भी दे दी कि वे लोग फिरौती लेने आने वाले हैं।
20 रुपये का नोट दिखाएगा तो देना फिरौती की रकम
अपराधियों ने शोरूम संचालक को एक कोडवर्ड बताया था। कोर्ड था बीस रुपये का नोट और नोट का नंबर 70663716। रंगदारी की मांग करने वाले अपराधी ने कहा था कि यह नोट एक युवक जाकर दिखाएगा, उसे फिरौती की रकम दे देना। शोरूम संचालक से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम वहां सादी वर्दी में तैनात थी।
नोट लेकर पहुंचा युवक
पुलिस वहां आरोपी के आने का इंतजार कर रही थी। इस बीच सोमवार को निर्धारित समय पर युवक वहां रकम लेने के लिए पहुंचा। उसने बीस रुपये का नोट जैसे ही दिखाया, पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने एक और सख्स का नाम लिया। वह थोड़ी दूर पर खड़ी कार में बैठा था। पुलिस ने वहां जाकर उसे भी कार समेत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों का नाम मोहम्मद वाजीद और शाकीर है। वाजीद राजस्थान और शाकीर रतलाम का रहने वाला है।
दोनों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि भीलवाड़ा निवासी फिरोज मेवाती ने 23 नवंबर को जावरा में बीस रुपये का नोट देकर नीमच में होंडा शोरूम के मालिक से फिरौती के दस लाख रुपये लेने के लिए बोला था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस दो मोबाइल, एक होंडा अमेज कार और बीस रुपये का नोट बरामद किया है। साथ ही मुख्य आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
एसपी ने यह कहा
वहीं, नीमच एसपी राकेश कुमार सागर ने कहा कि प्रकरण का मास्टर माइंड भीलवाड़ा निवासी फिरोज है। उसी ने भीलवाड़ा से चुन्नु लाला के नाम से शोरूम संचालक को फोन लगाया था। फिरोज फिरौती की राशि लेने नीमच नहीं आ पाया था। रिश्तेदार के यहां कार्यक्रम में जावरा पहुंचा था। वहां दोनों आरोपियों से मिला था। फिरोज ने जावरा में बीस रुपये का नोट देकर दोनों को शोरूम संचालक से दस लाख रुपये लेने के लिए भेजा था। फिरोज के दो भाइयों छंगा और मंगा की वर्ष 2004 में पुलिस एनकाउंटर हो चुका है। फिरोज शातिर बदमाश है।
Published on:
26 Nov 2019 05:07 pm

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