नीमच. नीमच से खेल के क्षेत्र में कई प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीमच का नाम रौशन किया है, लेकिन स्वयं के दम पर। खेल सुविधाओं के नाम पर नीमच में नाममात्र सुविधाएं ही उपलब्ध है। हॉकी के लिए जो मैदान वर्तमान में उपलब्ध है वो जल्द छिन जाएगा। स्वीमिंगपूल है, लेकिन सालभर उपलब्ध नहीं रहता। एथलेटिक्स स्पर्धाओं के लिए स्टेडियम नहीं है। दशहरा मैदान अतिक्रमण की चपेट में हैं।
एथलेटिक्स और हॉकी के लिए हों स्टेडियम
यह सब बातें शुक्रवार सुबह 11 बजे कलेक्टर दिनेश जैन से मुलाकात के दौरान खेल महासंघ के पदाधिकारियों ने कही। नीमच में खेल मैदानों और खेलों की स्थिति को लेकर विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए एक पत्र भी कलेक्टर को सौंपा। खेल महासंघ के अध्यक्ष किशोर जेवरिया एवं सचिव विनोद शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को कलेक्टर से मुलाकात की है। इस दौरान संघ की ओर से एक पत्र सौंपकर बताया कि नगरपालिका की पिछली परिषद में बंगला नंबर 60 को खेल प्रशाल के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव पास किया गया था। उस प्रस्ताव को यथावत रखकर बंनं. 60 को खेल प्रशाल के लिए ही आरक्षित रखा जाए, अन्य किसी प्रयोजन के लिए अंशमात्र भूमि भी नहीं दी जाए। एथलेटिक्स में कई स्पर्धाएं होती हैं। गिनती करें तो संख्या १०० तक पहुंच जाएगी। नीमच में एक एथलेटिक्स ग्राउण्ड विकसित किया जाए जिसमें सभी तरह की एथलेटिक्स स्पर्धाएं आयोजित की जा सकें। डॉ. राजेन्द्रप्रसाद स्टेडियम को आधुनिक तकनीक से ग्रास ग्राउण्ड बनाया जाए। जहां कीचड़ न हो, खेल मैदान के चारों ओर खराब हुई तार फेंसिंग ठीक की जाए। रात में मैच के लिए जो फ्लड लाईट लगी हैं उसका उपयोग हो ऐसी व्यवस्था की जाए। दर्शकों के बैठने के लिए जो सीढिय़ां बनी हैं, उनके ऊपर छाया के लिए टीन शेड की व्यवस्था हो। बाहर की टीमें जब यहां खेलने आएं तो उनके ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था हो। नगरपालिका जिला स्तरीय फुटबॉल स्पर्धा के अलावा राज्य व राष्ट्र स्तरीय टूर्नामेंट आयोजित करें अथवा सहयोग दे। नीमच में हॉकी के लिए भी कोई मैदान नहीं है। वर्तमान में कन्या विद्यालय में प्रेक्टिस की जाती है, वहां सीएम राईज स्कूल बन गया है वह मैदान भी छिन जाएगा। हॉकी के लिए सर्वसुविधायुक्त एस्ट्रोटर्फ ग्राउण्ड बनाया जाए। मप्र शासन का फीडर सेंटर और खेलो इंडिया का स्माल सेंटर भी नीमच में है। इसके लिए शहर के मध्य में ही दो हॉकी मैदान उपलब्ध कराए जाएं, जिससे खिलाड़ी सुचारू रूप से खेल सकें। हमारे यहां एक भी इनडोर स्टेडियम नहीं है, जबकि आजकल कई जगह आधुनिक तकनीक से बने इनडोर स्टेडियम बने हुए हैं। जहां खिलाड़ी अपनी प्रेक्टिस कर तैयारी करते हैं। अब स्पर्धाओं का ट्रेंड बदल गया है। हमारे यहां भी एक मल्टीपरपज इनडोर स्टेडियम की अत्यन्त आवश्यकता है। जहां कुश्ती, बेडमिंटन, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, टेबल टेनिस, केरम, चेस, जुडो, कराटे, बॉस्केटबॉल, ताइक्वांडो जैसे कई खेल हो सकें।
स्वीमिंगपूल सालभर उपलब्ध रहे ऐसी करें व्यवस्था
संघ पदाधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि हमारे यहां बहुत बड़ा स्वीमिंगपूल बना हुआ है। नीमच से कई अच्छे तैराक तैयार हुए हैं जिन्होंने अपने दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीमच का नाम रौशन किया है। स्वीमिंगपूल तैराकों के लिए वर्षभर उपलब्ध नहीं रह पाता। यहां के खिलाड़ी अन्य जगहों पर जाकर अपनी प्रेक्टिस करते हैं। शीतकाल में जितने दिन मेन्टेनेंस के लिए चाहिए उतने दिन बंद रख इसे वर्षभर तैराकों के लिए चालू रखा जाए। नीमच के उपनगर बघाना, नीमच सिटी और ग्वालटोली के लिए भी खेल मैदान होना चाहिए, जहां वहां के खिलाडिय़ों को खेलने की जगह मिल सके। नीमच का एकमात्र सार्वजनिक उपयोग का दशहरा मैदान जिसमें मेले, प्रदर्शनी, धार्मिक, राजनीतिक व सामाजिक आयोजन होते आए हैं। हॉकर्स झोन के नाम पर वहां पर स्थायी गुमटियां व डोम लगाए जाने से दशहरा मैदान भी पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। वहां अन्य गतिविधि नहीं होने पर कुछ खेलों के खिलाड़ी अपना अभ्यास करते हैं व मैच होते हैं। हमारा किसी की रोजी रोटी का साधन छीनने का कतई उद्देश्य नहीं है, परन्तु दशहरा मैदान अतिक्रमण से पूर्णत: मुक्त किया जाए। क्रिकेट आजकल का लोकप्रिय खेल है, इसके लिए उचित जगह का चयन कर क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाए। इस अवसर पर खान मोईनुद्दीन, काशीराम बोरीवाल, डॉ. पृथ्वीसिंह वर्मा, डीएफए सचिव प्रमोद शर्मा, हॉकी एसोसिएशन के सचिव इम्तियाज खान, परवेज खान, रमेश थापा, हॉकी कोच प्रियंका जौहरी, विजेन्द्र सिंह, शंकर रामनानी, विक्रम सेरावत, संस्कार शर्मा, रामलाल गौड़, धर्मेन्द्र गुरंग, बाबूलाल क्षत्रिय, बशीर पहलवान जावद आदि उपस्थित थे।
सर्वे कर उपलब्ध कराएंगे सुविधाएं
खेल महासंघ की ओर से जो भी जानकारी दी गई है उसके संबंध में निकट भविष्य में खेल महासंघ के पदाधिकारियों को साथ लेकर मैदानों का सर्वे किया जाएगा। जिन स्थानों पर खेल संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं वहां उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
– दिनेश जैन, कलेक्टर