मनासा। ब्राह्मण समाज के आराध्य देव भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर मनासा शहर में 2 दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे भगवान परशुराम जयंती के दूसरे दिन भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया। रविवार को शहर में भगवान परशुराम जी की जयंती बड़ी ही धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर विशाल शोभायात्रा का आयोजन मंशापूर्ण महादेव मंदिर,ब्रह्मपुरी धर्मशाला से निकाली गई जिसमे परशुराम सेना एवं सकल ब्राह्मण समाज के समाज जनों,महिलाओं,बच्चो ने बड़ी संख्या मैं एकत्रित होकर अपने आराध्य देव के नारे लगाते हुए विशेष वेश भूषा जिसमे पुरुष वर्ग द्वारा सफेद कुर्ता पजामा तो वही महिलाओं द्वारा लाल साड़ी के ड्रेस कोड के साथ शहर मैं भव्य चल समारोह निकाला गया।
उक्त चल समारोह मैं सभी विप्र बंधु केसरिया एवं लाल पगड़ी पहने,हाथ मैं ध्वज लिए भगवान परशुराम जी की जयजयकार करते हुए निकल रहे थे,नगर मैं जगह जगह ब्राह्मण समाज के लोगो द्वारा अखाड़े खेलते हुए चल समारोह निकाला गया वही चल समारोह मैं एक रथ मैं भगवान परशुराम जी की भव्य तस्वीर लगाई गई थी जिसका जगह जगह लोगो नै फूल माला से स्वागत किया तो वही दूसरे रथ मैं मेवाड़ पीठाधीश्वर 1008 स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी महाराज बैठे थे,जिनके सानिध्य मैं सम्पूर्ण प्रोग्राम का आयोजन किया गया। उक्त चल समारोह का नगर मैं जगह-जगह फूलो से भव्य स्वागत किया गया जिसमे मंगेश संघई मित्र मंडल,नगर परिषद मनासा,भाजपा कार्यकर्ताओं , व्यापारी संघ मनासा,माहेश्वरी समाज मनासा,करनी सेना,विजयवर्गीय समाज,प्रेस क्लब मनासा आदि संस्थाओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। उक्त चल समारोह मंशापूर्ण महादेव मंदिर से होता हुआ बड़े बाजार,जबरेश्वर महादेव होता हुआ सोमनाथ महादेव मंदिर से ऊषागांज रोड होते हुए जूना साथ मोहल्ले से द्वारिकापुरी धर्मशाला भाग 2 पर पहुंचा जहा पर मेवाड़ पीठाधीश्वर 1008 स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी महाराज के मुखारबिंद से अमृत वचनों का श्रवण विप्र बंधुओ द्वारा किया गया। इस अवसर पर अमृत वचन देते हुए मेवाड़ पीठाधीश्वर 1008 स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी महाराज कहा कि ब्राह्मण देवता थे,देवता है,देवता रहेंगे,ब्राह्मण को चाहे कितना भी दबाया जाए,चाहे इनको कितना भी अपमानित किया जाए लेकिन ये हमेशा भूदेव कहलाते ही रहेंगे,ये ब्रह्मशक्ति है,ब्राह्मण समाज के प्रत्येक आयोजन मैं ब्राह्मण समाज सदेव सभी समाज के सम्मान की बात करता है,हम केवल ब्राह्मण समाज की बात नही करते,ये वो समाज है जो सभी को देने का काम करता है,ये वो ब्राह्मण समाज है जो पूरे ब्रह्मांड को,पूरी पृथ्वी को अपना परिवार मान कर चलता है, हम वासुदेव कुटुंबकम की भावना लेकर चलने वाले है,भारत देश ऋषि परम्परा का देश है और ऋषि परम्परा पूरे विश्व को परिवार मान कर चलती है,88 हजार ऋषियों का वर्णन अनेक कथाओं किया जाता है वे सभी के सभी ऋषि ब्राह्मण थे,ब्राह्मणों ने हमेशा देश को,दुनिया को,समाज को मार्ग दिखाने का काम खुद सबसे पहले उन मार्गो पर स्वयं आगे चल कर किया है, इक्कीसवीं सदी भारत को विश्व गुरु बनाने की है हमे सिर्फ एक होने से काम नहीं चलेगा हमे ह्रदय से एक होना होगा,अब हमे सिर्फ एक समाज की नही बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज की बात करना होगी। सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, नित नए षड्यंत सनातन धर्म को बदनाम करने को लेकर किए जा रहे है,सनातन धर्म मैं राक्षस प्रवृत्ति वाले लोगो को भी गले लगाकर उन्हें धर्म के रास्ते पर लाया जाता है,इसलिए हमे अब सर्वसमाज को साथ लेकर देश को विश्व गुरु बनाना है। संतो के ज्ञान से तो जानवर भी बदल जाते है मगर आज का इंसान संतो के ज्ञान को नही समझ पा रहा है। हमे समय समय पर एक होकर ब्रह्मशक्ति को जाग्रत करना होगा,हमे यही संदेश देना है की हम किसी से लडऩा नही चाहते,हम किसी को डराना नही चाहते,हम किसी को मारना नही चाहते,हम किसी के अधिकारों का हनन नहीं करना चाहते मगर जो हमारा अधिकार है उसको कोई और लेगा तो उसको हर हाल मैं हमे देना होगा,अब हम हमारे अधिकार को छोड़ेंगे नहीं। इस अवसर पर परशुराम सेना,सकल ब्राह्मण समाज द्वारा ब्राह्मण गौरव सम्मान डॉक्टर अभिषेक तिवारी को दिया गया। उक्त कार्यक्रम मैं क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारू,नगर परिषद अध्यक्षा सीमा अजय तिवारी,मनासा थाना प्रभारी आर सी डांगी,डॉक्टर अभिषेक तिवारी,रमेश जोशी,अशोक जोशी मंचासीन थे जिनका स्वागत परशुराम सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम के पश्चात भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजीव नागदा व आभार प्रदर्शन मोहित जोशी द्वारा किए गया। इस अवसर पर परशुराम सेना के सुनील यजुर्वेदी,मोहित जोशी,अजय तिवारी,ललित ओझा,कैलाश जोशी,प्रशांत शर्मा,प्रवीण भट्ट,अनुराग शर्मा,पंकज तिवारी सहित बड़ी संख्या मैं ब्राह्मण समाज के लोग,महिलाए व बच्चे उपस्थित थे।