
डीजल के दाम बढऩे से ट्रांसपोटेशन मंहगा होगा। परिवहन मंहगा होने से हर आवश्यत वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। इसका आम आदमी के जीवन पर सीधा और बड़ा असर पड़ता दिख रहा है। इससे पेट्रोल के दाम में 7 से 8 रुपए और डीजल के दामों में करीब 8 रुपए तक की वृद्धि हुई है।
नीमच. केंद्र सरकार द्वारा पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में चार बार वृद्धि की गई है। इससे पेट्रोल के दाम में 7 से 8 रुपए और डीजल के दामों में करीब 8 रुपए तक की वृद्धि हुई है। इससे लोगों की दैनिक उपयोग की सामग्री पर इसका भार आगामी दिनों में दिखाई देने लगेगा। डीजल के दाम बढऩे से ट्रांसपोटेशन मंहगा होगा। परिवहन मंहगा होने से हर आवश्यत वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। इसका आम आदमी के जीवन पर सीधा और बड़ा असर पड़ता दिख रहा है।
सीमावर्ती राजस्थान में तीन रुपए सस्ता है ईंधन
पेट्रोल-डीजल की इस बढ़ोतरी के बाद मध्यप्रदेश और उसके पड़ोसी राज्य राजस्थान में ईधन की कीमतों का एक बड़ा अंतर सामने आया है। चौकाने वाली बात यह है कि लगातार दामों में बढ़ोतरी के बावजूद राजस्थान में ईंधन सस्ता बिक रहा है। राजस्थान में ईंधन पर प्रति लीटर तीन रुपए के अंतर का सीधा असर मध्यप्रदेश के सीमावर्ती पेट्रोल पंपों की बिक्री पर पड़ रहा है। राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। यदि वैट कम किया जाता है, तो राज्य के भीतर ईंधन की बिक्री में वृद्धि संभावित है। पेट्रोल पम्प संचालक स्वयं इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ट्रेवल्स संचालक और भारी लोडिंग वाहन चालक समीपवर्ती राजस्थान के पेट्रोल पम्पों से बल्क मात्रा में डीजल भरवा रहे हैं। इसका नीमच जिले के सीमावर्ती पेट्रोल पम्प के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के बघाना क्षेत्र से कुछ मिनट की दूरी पर राजस्थान में पेट्रोल पम्प है। मध्यप्रदेश-राजस्थान की सीमा पर नयागांव की सीमा से कई पेट्रोल पम्प राजस्थान के लगे हैं। इसी प्रकार सिंगोली क्षेत्र में भी राजस्थान सीमा में पेट्रोल पम्प संचालित हैं। वहां से बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के लोग ईंधन भरवा रहे हैं।
मप्र में वैट टैक्स ज्यादा होने से कीमत पर असर
ईंधन की कीमतों में इतने बड़े अंतर की मुख्य वजह मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वसूला जाने वाला अत्यधिक वैट टैक्स और सेस है। टैक्स ढांचे पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट और 2.50 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त वैट के साथ एक प्रतिशत सेस लिया जाता है। इसी तरह डीजल पर 19 प्रतिशत वैट और 1.50 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त वैट के साथ एक प्रतिशत सेस लगता है। दूसरी तरफ सीमावर्ती राजस्थान में टैक्स की दरें मध्यप्रदेश से कम हैं। टैक्स की दरों का यही अंतर मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल को अत्यधिक महंगा बना रहा है। इसके चलते सीमा पार से अवैध खरीद का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
10 दिनों में 7 से 8 रुपए तक बढ़े दाम
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई। तेल कंपनियों द्वारा की गई बढ़ोतरी में 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। 19 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ाए गए। इसमें करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। सोमवार को पेट्रोल में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई। इस तरह पिछले करीब 10 दिनों में पेट्रोल लगभग 7 से 8 रुपए प्रति लीटर और डीजल भी करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।
Updated on:
25 May 2026 09:19 pm
Published on:
25 May 2026 09:17 pm
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