
कृषि उपज मंडी में किसान सम्मेलन की तैयारी करते हुए।
नीमच. किसान संगठनों के देशव्यापी बंद के बीच रविवार को जिलास्तरतीय किसान सम्मेलन में ५ हजार किसानों को जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में किसानों को जुटाने में प्रशासन और नेताओं के पसीने छूटना तय है। पिछले ९ दिनों से चली आ रही किसानों की हड़ताल का विशेष प्रभाव अब तक नहीं पड़ा है। फिर भी अंतिम दिन प्रशासन किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कुल मिलाकर पिछले दिनों राहुल गांधी की सभा में उमड़ी भीड़ देख भाजपा खेमे में खलबली मच गई है। इसका साधने के लिए भी किसान सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
१० हजार २५७ किसान होंगे लाभांवित
रविवार को जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में आयोजित किसान सम्मेलन में जिले की तीनों विकासखंडों के १० हजार २५७ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 265 रुपए प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में १४ करोड़ २९ लाख २४ हजार ४८४ रुपए का भुगतान किया जाएगा। यह राशि संबंधित किसानों के खातों में सीधे ट्रॉसफर की जाएगी। इन किसानों ने जिले के विभिन्न केंद्रों और समितियों में कुल ५ लाख, ४६ हजार ३५४ क्विंटल गेहूं बेचा है। अब इतने बड़े पैमाने में किसान लाभांवित हो रहे हैं तो प्रशासन को उम्मीद है कि कम से कम आधे (५ हजार) किसान तो सम्मेलन में अवश्य पहुंचेंगे। इसको लेकर ही मंडी परिसर में बड़े स्तर पर तैयारी की गई है।
भारत बंद के बीच सम्मेलन बनेगा चुनौती
जहां एक ओर किसान संगठनों ने रविवार को भारत बंद का आह्वान किया है, वहीं दूसरी ओर शासन द्वारा जिलास्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। किसान सम्मेलनों का आशय कुछ भी हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में किसान संगठनों के आयोजन को विफल करने के प्रयास के रूप में ही देखा जा रहा है। शासन स्तर पर जिन किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा है उन्हें राशि भुगतान करने के लिए सम्मेलन आहूत किया है। लेकिन सम्मेलन के समय को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। किसान संगठनों ने करीब एक महीने पहले ही १० दिवसीय आंदोलन की घोषणा कर दी थी। ऐसे में यह कहना कि शासन को १० जून को देशव्यापी बंद की जानकारी नहीं होगी संभव नहीं लगता। अब देखना है कि रविवार को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जो ५ हजार किसानों के सम्मेलन में पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है उसे वे कैसे और किस रूप में पूरा करते हैं। अब तक चले ९ दिवसीय आंदोलन में जिले में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई है। रविवार को सबकुछ सामान्य रहेगा इसकी भी प्रशासन को उम्मीद है, लेकिन किसान सम्मेलन में किसानों की मौजूदगी इसका सबसे बड़ा प्रमाण पत्र होगा।
तिलक लगाकर होगा किसानों का सम्मान
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत रविवार सुबह ११ बजे जिला स्तरीय किसान सम्मेलन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में वर्ष 2018-19 के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 265 रुपए प्रति क्विंटल के मान से किसानों को प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। साथ ही जबलपुर में आयोजित किसान महासम्मेलन के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता दिलीपसिंह परिहार करेंगे। किसान सम्मेलन में जिला किसान मोर्चा द्वारा किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष देवीलाल धाकड़, महामंत्री अर्जुनसिंह सिसोदिया, प्रतापसिंह पवार, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बालचंद्र पाटीदार रामनगर सभी किसानों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पधारकर भव्यता प्रदान करें।
५ हजार किसानों के आने की उम्मीद
किसान सम्मेलन में ५ हजार किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। रविवार को भारत बंद भी है। ऐसे में कहा नहीं जा सकता कि कितनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित होंगे। प्रशासन की ओर से पूरी तैयार कर ली गई है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की हड़ताल की वजह से सम्मेलन में किसानों की उपस्थित प्रभावित होगी।
- एनएस रावत, उपसंचालक कृषि
पूरी स्थिति पर है नजर
रविवार को किसानों ने देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। इसको दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। किसान आंदोलन के ९ दिन शांति से बीत हैं। ऐसे में उम्मीद है कि आखरी दिन भी हालात सामान्य ही रहेंगे।
- कौशलेंद्रविक्रम सिंह, कलेक्टर
Published on:
10 Jun 2018 11:38 am
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