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मनासा में नहीं रेन बसेरा, रात में ढूंढते है यात्री सिर छुपाने छत

मनासा में नहीं रेन बसेरा, रात में ढूंढते है यात्री सिर छुपाने छत

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पुलिस को बदनाम कर रहे बदमाश, आम लोग रहें सावधान

नीमच/मनासा. मनासा तहसील मुख्यालय पर सालों से रेन बसेरा की सुविधा नहीं होने के कारण आसपास सहित दूर दराज से आवाजाही करने वाले यात्रियों को जब बस की समय पर सुविधा नहीं मिलती है। तो वे रात में सिर छुपाने की जगह ढूंढने के लिए भटकते नजर आते हैं। ऐेसे में जो सक्षम है वे तो महंगे मौल चुका कर होटल या लॉजों में रूक जाते हैं। लेकिन जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाती है।
शहर में रेन बसेरे की सुविधा मुर्त रूप नहीं ले पाई है। जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों को रेन बसेरे के अभाव में प्रतिक्षालय एवं बस स्टैंड के पास स्थित दुकानों का सहारा लेकर रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। फिर भी रेन बसेरे को लेकर परिषद ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए।


करीब 30 हजार की आबादी वाले मनासा शहर मेें प्रतिदिन हजारों की संख्या मेें यात्रियों का आना जाना लगा रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों सहित अन्य शहरों से यात्री मनासा पहुंचते हैं। जहां पर पहुंचने का एक मात्र साधन बस सुविधा है। ऐसे में देर रात्री में पहुंचने वाले यात्रियों के लिए रेन बसेरे के अभाव में भारी समस्या खड़ी हो जाती हैं। जिसकी तरफ नगर परिषद के जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। बस युनियन अध्यक्ष विजय उदासी ने बताया कि रेन बसेरे को लेकर हम करीब पांच वर्षों से शासन एवं नपा से मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारियों एवं नपा ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में देर रात बाहर से आने वाले गरीब एवं मध्यमवर्गीय यात्रियों को हम स्वयं के खर्चे पर लॉज एवं होटलों में ठहराने की व्यवस्था करते हैं।

118 बसों का संचालन फिर भी नहीं रेन बसेरा
करीब 45 वर्ष पूर्व बने बस स्टैंड पर 10 से 15 बसें चलती थी। लेकिन वर्तमान में 118 बसों का संचालन होता है। 45 वर्षों में समय के साथ यात्रियों एवं बसों का आवागमन तो बड़ा मगर व्यवस्थाएं दम तोड़ गई। जहां पर यात्रियों के रेन बसेरा सहित पीने के पानी, यात्री प्रतिक्षालय आपात स्थिति में भोजन सहित कोई व्यवस्था नहीं हैं। दिनभर में हजारों यात्री सफर करते हैं। गरीब एवं मध्यम वर्ग के यात्री पैसे के अभाव में लॉज एवं होटलों की अपेक्षा रेन बसेरे के अभाव में गंदगी से पटे, बदबूदार प्रतिक्षालय एवं दुकानों में रात गुजारने को मजबुर होते हैं।



नपा को बस स्टैंड सुुलभ काम्पलेक्स के पास खाली पड़ी दुकानों का जिर्णोध्दार करवाकर यात्रियों के लिए रेन बसेरे की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए। वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस सहायता केंद्र की व्यवस्था भी उपलब्ध होनी चाहिए।
-विजय उदासी,बस युनियन अध्यक्ष मनासा


नगर परिषद को सुलभ काम्पलेक्स के पास खाली पड़े भवन का जिर्णोध्दार कर वहां पर यात्रियों के लिए रेन बसेरे की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए। भवन के जिर्णोध्दार में राशि की आवश्यकता पड़ती है तो मैं अपनी निधि से देने के लिए तैयार हूं।
-अनिरूध्द माधव मारू, विधायक


रेन बसेरे को लेकर अभी पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया है। सुलभ कॉम्पलेक्स के पास स्थित भवन छोटा है। जगह मिलने पर रेन बसेरा तैयार किया जाएगा।
-यशवंत सोनी, नपा अध्यक्ष मनासा