नीमच. खेती करने के लिए पूरे स्कूल मैदान को खोदे जाने की एक घटना प्रकाश में आई है। स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला सार्वजनिक हुआ। आनन फानन में शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए मौके पर भेजी गई। सच्चाई सामने आने पर प्रधानाध्यापिका ने गलती स्वीकार भी कर ली। मजे की बात यह है कि मैदान खोदे जाने के पीछे तर्क ‘मां की बगिया’ योजना का दिया गया।
खेल मैदान हांक वहां सोयाबीन व मक्का बो दी
जिले की मनासा तहसील मुख्यालय से करीब 3 किमी दूर गांव कचोली में शासकीय माद्यमिक विद्यालय के खेल मैदान को स्कूल के जिम्मेदारों ने ही खेत बना डाला। वहां फसल उगाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर ग्रामीणों में शिक्षकों के प्रति आक्रोश दिखा। इस मामले को लेकर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम से भी की है। बच्चों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों ने हमसे खरपतवार तक साफ कराई। मना करने पर डांटते हैं। माध्यमिक स्कूल के खेल मैदान को स्कूल प्रबंधन ने हांककर खेत बना दिया। इसके बाद वहां सोयाबीन, मक्का व अन्य प्रकार की सब्जियों की बुवाई कर दी गई। इससे नाराज ग्रामीणों व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में आप के जयसिंग रावत, मुकेश रावत, मुकेश सांखला, परमानंद रावत शामिल थे। मामले में ग्रामीणों ने आरोप लागया है कि प्रधानाध्यापिका ने खेल मैदान को नष्ट कर खेत बना दिया। इसकी शिकायत एसडीएम पवन बारिया को की गई है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल में पढऩे वाले बच्चों ने बताया कि हमारे खेलने के लिए मैदान था, लेकिन अब उसे खेत बना दिया गया। इससे खेलने के लिए अब मैदान नहीं बचा। खेत में हमसे टीचर काम भी करवाते हैं। शौचालय पर भी ताला लगा रखा है। इस मामले में विद्यालय के जिम्मेदारों का कहना है कि परिसर में कांटेदार पेड़ व घास उग गई थी। अब वहां बगीचा बनाया जा रहा है। पशु प्रवेश न करे इसके लिए गेट पर ताला लगाया गया है। खेल मैदान में कोई फसल व सब्जियां नहीं उगाई गई है।
शिकायत सही पाई गई
जानकारी मिली थी कि स्कूल के मैदान में खेती की जा रही है। इसकी जांच ेके लिए टीम भेजी गई थी। मौका पंचनामा बनाया गया है। शिकायत भी सही पाई गई है। ‘मां की बगिया’ अभियान के तहत यह कार्य किया गया था। प्रधानाध्यापिका ने गलती भी स्वीकार कर ली है। उन्होंने मैदान को पूर्ववत करने की बात उन्होंने कही है।
– प्रलय उपाध्याय, जिला परियोजना समन्वयक