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CIME NEWS – तस्कर राणा ने रिमांड के दौरान गिरोह में शामिल पुलिसकर्मी नाम उगले, नीमच के छह पुलिसकर्मियों को एसपी ने किए निलंबित

- राजस्थान व एमपी पुलिस की मिलीभगत से तस्करी को देता था अंजाम, नामजदो की तलाश में जुटी पुलिस

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CIME NEWS - तस्कर राणा ने रिमांड के दौरान गिरोह में शामिल पुलिसकर्मी नाम उगले, नीमच के छह पुलिसकर्मियों को एसपी ने किए निलंबित

CIME NEWS - तस्कर राणा ने रिमांड के दौरान गिरोह में शामिल पुलिसकर्मी नाम उगले, नीमच के छह पुलिसकर्मियों को एसपी ने किए निलंबित

नीमच। राजस्थान व एमपी में मादक पदार्थ की तस्करी को अंजाम देने वाले कुख्यात तस्कर कमल राणा की गिरफ्तारी के बाद उसने रिमांड के दौरान अपने नेटवर्क में शामिल लोगों के नाम उगलने शुरू कर दिए है। उसने अपने गिरोह के २२ सदस्यों के नाम लिए है, वहीं एमपी के भी एक सब इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी के नाम लिए है। जिनके नाम का खुलाासा टीम ने नहीं किया है। इनकी रिपोर्ट नीमच एसपी को भेजी गई है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल है। एसपी ने इन सभी की जांच कर निलंबन आदेश जारी की तैयारी कर ली है। वहीं राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त डिप्टी एसपी सहित चार पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि राजस्थान पुलिस ने तस्कर राणा के चार मददगार को भी एमपी से गिरफ्तार किया है। जिन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है, प्रतापगढ़ में पकड़े गए तस्कर का वाट्सएप लॉगआउट करने के मामले में बाड़मेर से कमलेश को प्रॉडक्शन वारंट पर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान पुलिस सुबह करीब 4 बजे 22 गुर्गो में से 4 को उनके घर से उठा लिया। भारतसिंह पिता गोविंदसिंह आंकली, हस्तीमल पिता रमेशचंद्र सुथार, तूफान पिता भवानीसिंह सोंधिया तथा संदीप पिता शिवनारायण पाटीदार को राजस्थान पुलिस अपने साथ ले गई। इन 4 आरोपियों ने थर्ड डिग्री के बाद करीब 15 से ज्यादा लोगों के नाम बताए है। इन 15 लोगों में पुलिसकर्मी, संदिग्ध मीडियाकर्मी सहित क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं के नाम शामिल है। जिनकी सांठगांठ से अवैध मादक पदार्थ का पूरा सिंडिकेट चल रहा था। अब राजस्थान पुलिस हस्तीमल, भरत, तूफान तथा संदीप के बताए लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुकी है।

ये कमल राणा के सहयोगी
तस्करी में मदगार इन लोगों के नाम आए सामने, जिनमें जीरन के आंकली निवासी भरतसिंह पिता गोविंदसिंह, जीरन निवासी हस्तीमल पिता रमेशचंद्र सूथार, राजस्थान जोधपुर का राहुल, मंदसौर- नाहरगढ़ का तूफान पिता भवानीसिंह, पंजाब के संगरूर का मनू उर्फ मोनू पंजाबी, राजस्थान-पाली के बेड़ा का तेजू देवासी, जीरन बोरदियाकलां का मोहनसिंह उर्फ लाला, राजस्थान बाड़मेर के बालोतरा का दिनेश विश्नोई, नीमच के आंत्री का सोनू, जीरन- रायनखेड़ा का विरेंद्रसिंह पिता हरिसिंह जाट, जीरन के छाछखेडी का केसरीमल कुमावत, जीरन-हर्कियाखाल का जीतू उर्फ जितेंद्रसिंह राजपूत, जीरन-बोरदियाकलां का राजू उर्फ राजेंद्रसिंह, राजस्थान-बाड़मेर का काकू, जीरन-हरकियाखाल का हुसैन पिता नाहर खान, राजस्थान-जोधपुर का हनुमान उर्फ भागी मोटा, राजस्थान-बाड़मेर का हनू जाट, जीरन का भरत पाटीदार उर्फ टोपी, जीरन-गमेरपुरा का सुनिल पिता कारु मीणा, छोटीसादड़ी-अचलपुरा का विजय उर्फ विज्जू पिता चेनराम आंजना, राजस्थान-बाड़मेर का विशनाराम पिता मदराम, जोधपुर-फिंच का कालू उर्फ दिनेश विश्नोई कमल राणा के सहयोगी है।


10 से ज्यादा जिलों में 28 लाख रुपए के साथ प्रतापगढ़ 48 बैंक अकाउंट फ्रीज
एसपी के नेतृत्व में 100 प्रतापगढ़ पुलिस ने तस्करी के पुलिसकर्मियों ने 3 माह तक दौरान 48 बैंक अकाउंट फ्रीज जांच के बाद गैंग का खुलासा किया हैं। इसमें 28 लाख मिले है, बाड़मेर, जालोर सहित अन्य बैंक में जमा थे। इनसे कुछ ही महीनों चित्तौडगढ़ में पकड़े गए कई का ट्रांजेक्शन में करोड़ों में था। दिल्ली की लग्जरी कारें भी चुराते थे। आरोपियों के तार भी गैंग से दिल्ली से लग्जरी कारें चुराते थे तस्करों ने वाहन गैंग कैसे ऑपरेट करते थे। चोर गैंग भी बना रखी थी। ये तस्करी के दौरान बदमाश बदमाश दिल्ली व आस-पास मोबाइल में जिस नंबर का के क्षेत्र से स्कॉर्पियो चुराते वॉट्सएप चलाते हैं, उसका हैं। बाद में इसे ही तस्करी में सिमकार्ड किसी अन्य साथी के उपयोग किया जाता है। पास रखते हैं।

नीमच में पूर्व में पुलिसकर्मियों की तस्करों के साथ आई मिलीभगत सामने
नीमच के कुख्यात तस्कर बाबू सिंंधी के साथ मिलकर मादक पदार्थ तस्करी को अंजाम देने में नीमच सिटी पुलिसकर्मी पंकज कुमावत को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र ठाकुर लंबे समय तक निलंबित रहे हैं। जावद जेल में बंद होकर भी पुलिसकर्मी पंकज कुमावत तस्करी के नेटवर्क को अंजाम दे रहा था। सूचना पर उसे यहां से इंदौर जेल भेज दिया गया है। जेल मुख्यालय ने 14 सितंबर 2022 को जेल स्थानांतरण का आदेश जारी किया था। जावद जेल में आरोपी पंकज कुमावत 11 जुलाई से बंद था। वो पुलिस विभाग देवास में कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के पकडाने के बाद से ही 29 अगस्त 2021 से लगातार गैर हाजिर चल रहा था। देवास एसपी ने कई बार नोटिस जारी किया, लेकिन वह गैर हाजिर रहा। पिछले महीने 21 अगस्त को पंकज को पुलिस सेवा से बर्खाश्त कर दिया था। आरोपी पंकज कुमावत से बर्खाश्त आरक्षक विशाल नरवले बार-बार जेल में मिलने पहुंचा था। पुलिस विभाग से बर्खाश्त आरक्षक विशाल नरवले और पंकज कुमावत की नजदीकी सामने आई है। विशाल नरवले का करीब 3 साल पहले नीमच से रतलाम ट्रांसफर हो गया था। लेकिन विशाल ड्यूटी पर नहीं गया। ऐसे हालात में विशाल नरवले को पुलिस विभाग से बर्खाश्त कर दिया था। कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी का पंकज कुमावत साथी था, बाबू उसी के इशारे पर चलता था। पंकज बाबू सिंधी की बंदी पुलिस विभाग में खुद ही बांटता था। एक तरह से बाबू के लिए लाईजनिंग का काम करता था। बीते 4 सालों से बाबू और पंकज दोनों साथ में मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। पंकज पुलिस विभाग में रहते हुए पल-पल की खबरें बाबू तक पहुंचाता था। किस अधिकारी को क्या देना है, किस तरह से सेट करना है, ये काम भी पंकज कुमावत करता था। 7 साल में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से पंकज ने करीब 50 करोड की संपत्ति हासिल कर ली थी। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने पंकज की प्रापर्टी पर भी शिकंजा कसा है।

इनका यह कहना है
राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के कुल 37 प्रकरणों में बांछित कुल 70,000 हजार रूपए का ईनामी कुख्यात आरोपी कमलसिंह राणा पिता डुंगरसिंह सौंधिया राजपूत उम्र 40 वर्ष निवासी बम्बोरी थाना रठांजना जिला प्रतापगढ को राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया है। गहनता से पूछताछ करने पर नीमच के पुलिसकर्मी कार्यवाहक महिला थाना नीमच के प्रआर रघुनाथ सिंह, जीरन के कार्यवाहक प्रआर रामप्रसाद शर्मा, बघाना थाना के कार्यवाहक प्रआर रफीक खान, जीरन थाने के आरक्षक रामप्रसाद पाटीदार, पुलिस लाइन के आरक्षक अजीज खान व आरक्षक देवेन्द्र चौहान की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उपरोक्त कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है एवं प्रकरण में विस्तृत जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनासा सुश्री यशस्वी शिंदे को निर्देशित किया गया है।
- अमित तोलानी, एसपी नीमच।