
student police cadet
नीमच. जिले के शासकीय विद्यालयों में अब स्टूडेंट पुलिस कैडेट तैयार होंगे। जिन्हें विद्यालयों में विशेष पाठ्यक्रम का ज्ञान देने के साथ ही पुलिस थाने, कंट्रोल रूम, यातायात थाने आदि की विजिट करवाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तैयार किया जाएगा। इससे जहां एक ओर बच्चों में शिष्टाचार, अनुशासन और कानून का ज्ञान होगा। वहीं दूसरी ओर प्रमाण पत्र मिलने पर भविष्य में बच्चों को पुलिस की नौकरी में भी छूट का लाभ मिलेगा। जिसके चलते जिले में करीब 10 विद्यालयों के करीब 200 बच्चों का चयन किया जा रहा है।
यह है एसपीसी योजना का मुख्य उद्देश्य
स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत बच्चों को शिक्षा के साथ पुलिस प्रशासन का ज्ञान दिया जाएगा। जिसके तहत बच्चों को निर्धारित टाईम टेबल के अनुसार अपराध की रोकथाम, सड़क सुरक्षा, सामाजिक बुराइयों को दूर करने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था से संबंधित शिक्षा दी जाएगी। वहीं इन्हीं सभी विषयों पर बच्चों को समय समय पर पुलिस थाने, कंट्रोल रूम, यातायात थाने आदि का विजिट कराया जाएगा। इस दौरान बच्चों को पुलिस की विभिन्न विभागीय प्रक्रियां समझाने के साथ ही किस प्रकार से अपराधों पर नियंत्रण किया जाता है। इसके बारे में विस्तार से बताया जाएगा। ताकि बच्चों में सदाचार, नैतिकता, सहनशीलता, टीम भावना, बुजुर्गों का सम्मान, असहाय लोगों के प्रति सहानुभूति और अनुशासन की भावना आए।
इन 10 विद्यालयों का हुआ चयन, 200 बच्चे बनेंगे पुलिस कैडेट
-शासकीय कन्या उमावि सिंगोली।
-शासकीय माध्यमिक विद्यालय सिंगोली।
-बालक माध्यमिक विद्यालय कनावटी।
-कन्या एवं बालक माध्यमिक विद्यालय नीमच नगर।
-शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय मोरवन।
-शासकीय माध्यमिक विद्यालय चीताखेड़ा।
-शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय पिपल्या हाड़ी।
-शासकीय कन्या उमावि रतनगढ़।
-शासकीय बालक उमावि कुकड़ेश्वर।
-जवाहर नवोदय विद्यालय रामपुरा।
कक्षा आठवीं के बच्चे लिए जाएंगे
इस योजना के तहत कक्षा आठवीं के प्रत्येक विद्यालय से 20-20 बच्चों को लिया जाएगा। सभी विद्यालयों को विभिन्न गतिविधियों के लिए करीब 50-50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के तहत बच्चों को वे सभी संस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिससे बच्चे ईमानदार, मेहनती और आदर्श नागरिक बने।
यह रहेगा पाठ्यक्रम
पुलिस अपराध रोकथाम एवं नियंत्रण, संवाद कौशल, शिष्टाचार, टीमवर्क, बच्चों में तनाव के कारण प्रभाव एवं नियंत्रण, अनुशासन, जेंडर सेंसिटीईजेशन, पोषक आहार एवं स्वास्थ्य, सामाजिक बुराईयां एवं उनका निवारण, स्वच्छता, भारत का संविधान, भारतीय संविधान की विशेषताएं, सामुदायिक पुलिस व्यवस्था, सायबर अपराध, सहिष्णुता, सहनशीलता, बड़ो का आदर आदि के आधार पर बच्चों को विद्यालय से लेकर पुलिस विभाग तक की जानकारियां प्रदान की जाएगी। वहीं शारीरिक विकास के लिए पीटी, परेड योगा आदि कराया जाएगा।
एडिशनल एसपी व शिक्षक रहेंगे नोडल अधिकारी
स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना की शुरूआत की जा रही है। जिसके तहत जिले में चिन्हित विद्यालयों के छात्र छात्राओं को बताया जाएगा कि किस प्रकार व्यक्ति अपराध की ओर अग्रसर होता है व किस प्रकार से अपराधों पर नियंत्रण किया जाता है। इस योजना के नोडल अधिकारी एडिशनल एसपी रहेंगे, वहीं प्रत्येक चिन्हित शाला में भी एक नोडल अधिकारी रहेगा। जिनके द्वारा विभिन्न गतिविधियां करवाई जाएंगी।
-डॉ पीएस गोयल, डीपीसी
Published on:
30 Jun 2019 01:12 pm
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