
राधा रानी के महल में बरसे 10 टन लड्डू
बरसाना (मथुरा). ब्रज में होली के रंग में हर कोई रंगा हुआ है। लट्ठमार होली के एक दिन पहले लाडली जी के मंदिर (राधारानी का मंदिर) का अद्भुत नजारा था। मंदिर में लड्डू होली खेली गई। हर ओर लड्डू बरस रहे थे और श्रद्धालु लड्डू रूपी प्रसाद पाने को लालायित थे। मंदिर में सवा घंटे तक लड्डू होली खेली गई। इस दौरान करीव 10 लड्डू फेंके गए। इसके साथ ही गुलाल और अबीर उड़ रहा था। केसर की सुंगध से समूचा भानु भवन महक रहा है। गोस्वामी समाज के लोग ढप और मृदंग की संगत पर पदों का गायन कर रहे है। नंदगांव से कान्हा के आगमन की सूचना देने आया पंडा भी मस्ती से झूम कर नाच रहा है। आस्था, उल्लास व मस्ती के नजारे को देखकर हजारों श्रद्धालु खुद को धन्य मान रहे थे।
फाल्गुन सुदी अष्टमी के दिन शाम को लाडली जी मंदिर मंदिर के पट खुलते ही गोस्वामी समाज ने समाज गायन प्रारंभ कर दिया। नंदगांव से आए पांडा का पुजारी ने भानु बाबा की ओर से स्वागत किया।
रंगीली सखी राधा का संदेश पहुंचाया
लट्ठमार होली के लिए राधा रानी की ओर से कान्हा के लिए आमंत्रण लेकर रंगीली गोपाल सखी गई। वृंदावन के गोपाल घाट पर रहने वाली रंगीली सखी 12 वर्ष से इस कार्य को रप रही है। गोपाल सखी अपने साथ अबीर गुलाल से भरी हांडी, भोग प्रसाद, इत्र फुलेल व पान बीड़ा लेकर रंगीली गली से निकली तो उसे देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। सखी का नंदगांव पहुंचने पर गोस्वामी समाज ने भव्य स्वागत किया।
लट्ठमार होली आज
बरसाने की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली मंगलवार को होगी। इसे देखने के लिए देशभर के लोग बरसाने पहुंच गए हैं। पौराणिक आधार पर द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने राधारानी व उसकी सखियों के साथ होली खेली तो नटखट कन्हैया के उत्पात से नाराज होकर राधारानी ने सखियों के संग लाठी से प्रहार किया था। यही प्रेम की होली हजारों वर्ष से चली आ रही है। इसी परंपरा में मंगलवार की शाम नंदगांव के हुरियारे बरसाने की हुरियारिनों से होली खेलने आएंगे। बरसाने की हुरियारिन नंदगांव के हुरियारों पर खूब लाठिया बरसाएंगी। इन लाठियों को कई दिन पूर्व से तैयार कर लिया गया है। दूसरे दिन यानी बुधवार को अपनी हुरियारिनों का बदला लेने के लिए बरसाने के हुरियारे नंदगांव होली खेलने जाएंगे।
Published on:
28 Feb 2023 12:02 am
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