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संसद भवन परिसर से बंदरों को लंगूर की आवाज निकालकर भगाएंगे 4 कर्मचारी

उत्पात के खिलाफ: खान-पान की चीजों को खुले में नहीं फेंकने का सुझाव

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संसद भवन परिसर से बंदरों को लंगूर की आवाज निकालकर भगाएंगे 4 कर्मचारी

संसद भवन परिसर से बंदरों को लंगूर की आवाज निकालकर भगाएंगे 4 कर्मचारी

नई दिल्ली. संसद भवन परिसर में उत्पात मचाने वाले बंदरों को भगाने के लिए चार लोगों को नियुक्त किया गया है। ये लंगूर की आवाज निकालकर एवं अन्य उपायों से बंदरों को भगाएंगे।


संसद सुरक्षा सेवा के परिपत्र के मुताबिक संसद परिसर में बंदरों की अक्सर मौजूदगी देखी गई है। बंदरों के उत्पात को नियंत्रित करने के लिए चार लोगों की सेवाएं ली जाएंगी। पहले बंदरों को भगाने के लिए लंगूर को रखा जाता था, लेकिन अब इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। संसद सुरक्षा सेवा के परिपत्र में कहा गया, भवन की देख-रेख करने वाले कुछ कर्मचारी खान-पान की बची हुई चीजों को कूड़ेदान एवं खुले में फेंक देते है।


यह बंदरों, बिल्लियों और चूहों को आकर्षित करने का प्रमुख कारण हो सकता है। परिपत्र में सभी संबंधित पक्षों को सुझाव दिया गया है कि वे खान-पान की बची हुई चीजें इधर-उधर नहीं फेंके।


किसको कितना मिलेगा मानदेय
नियुक्त कर्मचारियों में से एक ने बताया कि बंदर भगाने के लिए दो तरह के कर्मचारियों को रखा जाता है। कुशल एवं अकुशल। कुशल कर्मचारियों को हर महीने 17,990 रुपए और अकुशल कर्मचारियों को 14,900 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है।


पहले की एडवाइजरी
चार साल पहले भी संसद परिसर और आसपास के इलाके में बंदरों की बड़ी संख्या को लेकर लोकसभा सचिवालय ने एडवायजरी जारी की थी। इसमें लोगों को सुझाव दिया गया था कि बंदर से नजरें न मिलाएं और मादा बंदर व उसके बच्चे के बीच से न गुजरें। बंदरों को भगाने के लिए तेज आवाज करने से बचें।

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