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दिल्ली एनसीआर से उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए बेहद खास खबर… ढाई गुना तक महंगा हो गया है टोल टैक्स

Delhi to Uttarakhand toll tax: दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को अब जेब ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि कई रूट्स पर टोल टैक्स में ढाई गुना तक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे सफर महंगा हो गया है।

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Travelling Delhi NCR Uttarakhand expensive toll tax increased two half times

Delhi to Uttarakhand toll tax:दिल्ली से देहरादून की दूरी को कम करने वाले बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का सफर अब आम जनता की जेब पर भारी पड़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सहारनपुर के चमारी खेड़ा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की दरों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं।

नई टोल दरों के लागू होने के बाद अब विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए सफर काफी महंगा हो गया है। नई व्यवस्था के तहत कार और जीप चालकों को अब 35 रुपए के बजाय 85 रुपयए का भुगतान करना होगा, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए यह दर 55 से बढ़कर 145 रुपये कर दी गई है। इसी तरह बस और ट्रक के लिए टोल 115 से बढ़ाकर 300 रुपये, थ्री-व्हीलर वाहनों के लिए 130 से 330 रुपये, भारी वाहनों के लिए 185 से 475 रुपए और अत्यधिक भारी वाहनों के लिए अब 220 के स्थान पर 575 रुपए निर्धारित किए गए हैं।

पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

212 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह बनकर तैयार है। सूत्रों और प्रशासनिक हलकों में यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 के मध्य तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर सकते हैं। इस उद्घाटन के साथ ही यह एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी अभूतपूर्व तेजी आने की उम्मीद है।

2.5 घंटे में पूरा होगा सफर

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब बस इसके औपचारिक उद्घाटन का इंतज़ार है, जो अप्रैल के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा सकता है। इस आधुनिक मार्ग के शुरू होते ही 212 किलोमीटर की दूरी तय करने में केवल 2.50 घंटे का समय लगेगा, जिससे यात्रियों के कीमती समय की भारी बचत होगी। सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत कारें 100 किमी/घंटा, भारी वाहन 80 किमी/घंटा और दोपहिया वाहन 60 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। उद्घाटन के तुरंत बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।