देश भर में कृषि के प्रख्यात शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी करते हुए निजी कंपनियों द्वारा किसानों को कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी के अनुरूप जागरूक किया जा रहा है। इसके मद्देनजर शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ मिलकर किसानों को कृषि क्षेत्र में आ रही ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) जैसी नई तकनीकों के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, किसानों की तरफ से भी इसमें भागीदारी ली जा रही है।
कृषि क्षेत्र में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों के तहत किसानों में जागरूकता फैलाई जा रही है। धानुका समूह के चेयरमैन आर.जी.अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। वहीं, उन्होंने पत्रिका के सवाल पर जवाब देते हुए बताया कि हमारी कंपनी देश भर के सात शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर किसानों को कृषि के क्षेत्र में आ रही नई तकनीकों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक कर रही है।
साथ ही किसानों के लिए खेती से जुड़े विभिन्न पैरामीटर्स के तहत भी कंपनी के एक हजार कर्मी देश भर में किसानों को नए फर्टिलाइजर्स, पेस्टिसाइड्स के उपयोग के मद्देनजर भी जागरूक कर रहे हैं। कंपनी ने उत्तराखंड की गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (जीबीपीयूएटी), करनाल की महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी, जयपुर की श्री कर्ण नरेंद्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (एसकेएनएयू) जोबनेर व हैदराबाद के प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना स्टेट एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी जैसे राज्य शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता किया है।
'ड्रोन और एआई कृषि क्षेत्र में ला सकती हैं क्रांति'
वहीं, आर.जी.अग्रवाल ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, आईओटी और परिशुद्ध तकनीक जैसी नई टेक्नोलॉजी को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की जरूरत है। ड्रोन और एआई ऐसी दो भविष्य की तकनीक हैं, जो कृषि क्षेत्र में क्रांति ला सकती हैं। वहीं, इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हम नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा कृषि एवं छिड़काव सेवाओं के लिए स्वीकृत पहले ड्रोन की आपूर्ति भी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किफायती आधुनिक तकनीक और खेती-बाड़ी में उत्तम गुणवत्ता के इनपुट फसल की गुणवत्ता एवं पैदावार और आय बढ़ाने में किसानों की मदद कर सकते हैं।