
Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो फेज़-5A को मंजूरी मिलने के बाद सेंट्रल सेक्रेटेरियट मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 24 दिसंबर 2025 को दिल्ली मेट्रो फेज़-V (A) परियोजना को हरी झंडी दी थी। इस परियोजना के तहत कुल 16.076 किलोमीटर लंबाई के तीन नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.913 किमी, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक 2.263 किमी और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किमी लंबे मेट्रो कॉरिडोर फेज़-5A में शामिल हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क का एकीकरण और मजबूत होगा, जिससे यात्रियों को तेज, आसान और अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन वह होता है, जहां एक ही स्थान पर तीन मेट्रो लाइनों के बीच सीधा इंटरचेंज मिलता है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा और आसान हो जाएगी।
फिलहाल सेंट्रल सेक्रेटेरियट स्टेशन येलो लाइन और वायलेट लाइन का प्रमुख इंटरचेंज है। यहां से रोजाना हजारों कर्मचारी सेंट्रल दिल्ली के सरकारी दफ्तरों तक आते-जाते हैं।
दिल्ली मेट्रो फेज-5A के पूरा होने पर सेंट्रल सेक्रेटेरियट स्टेशन येलो लाइन, वायलेट लाइन और मैजेंटा लाइन के एक्सटेंशन (सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर: आर.के. आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ) के बीच ट्रिपल इंटरचेंज की सुविधा देगा। इससे कर्तव्य भवनों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और दफ्तर आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। डीएमआरसी के मुताबिक, इस कनेक्टिविटी से रोजाना करीब 60 हजार कार्यालय कर्मचारी और 2 लाख से ज्यादा आगंतुक लाभान्वित होंगे। इससे प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन के उपयोग में भी कमी आएगी।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 29 इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज़-4 के पूरा होने के बाद यह संख्या 43 हो जाएगी और फेज-5A के साथ बढ़कर 46 इंटरचेंज स्टेशन हो जाएगी।
Updated on:
29 Jan 2026 06:21 pm
Published on:
29 Jan 2026 06:21 pm
