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2019 आम चुनाव से पहले मुश्किल में केजरीवाल, दिल्ली से लेकर पंजाब तक AAP के अंदर मचा घमासान

बीते 10 दिन के अंदर दो वरिष्ठ नेताओं (आशुतोष और आशीष खेतान) ने पार्टी से अलविदा कह दिया तो वहीं एक (राहुल मेहरा) ने लोकसभा चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया।

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2019 आम चुनाव से पहले मुश्किल में केजरीवाल, दिल्ली से लेकर पंजाब तक AAP के अंदर मचा घमासान

2019 आम चुनाव से पहले मुश्किल में केजरीवाल, दिल्ली से लेकर पंजाब तक AAP के अंदर मचा घमासान

नई दिल्ली। आम चुनाव 2019 को होने में अब बस कुछ ही महीने बाकी है और सभी राजनीतिक दल अपनी-अनी तैयारियों में जुट गए हैं लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) के अंदर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम चुनाव से ठीक पहले एक-एक कर पार्टी के प्रमुख वरिष्ठ नेता साथ छोड़ रहे हैं। बीते 10 दिन के अंदर दो वरिष्ठ नेताओं (आशुतोष और आशीष खेतान) ने पार्टी से अलविदा कह दिया तो वहीं एक (राहुल मेहरा) ने लोकसभा चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया। अब आलम यह है कि 'आप' के अंदर दिल्ली से लेकर पंजाब तक घमासान मचा है। इधर राजनीतिक विशलेषकों का कहना है कि जब हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा होगा तब पार्टी कें अंदर मचे घमासान का असली चेहरा सामने आएगा।

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मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की तैयारी

आपको बता दें कि पार्टी के सांगठिकन ढ़ांचे में मचे बवाल के बाद पार्टी आलाकमान चौंकन्ना हो गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी नेतृत्व दिल्ली के मौजूदा विधायकों में से आधे के टिकट काटने की तैयारी में है। इधर आंतरिक कलह की वजह से संगठन के बड़े नेता एक-एक कर पार्टी से अलविदा कह रहे हैं तो वहीं 'आप' के विधायकों में भी ऊहापोह की आशंका गहराने लगी है। बता दें कि आप नेतृत्व ने अपने विधायकों के कामकाज का आंतरिक मूल्यांकन किया है जिसमें मौजूदा 66 विधायकों में से आधे का प्रफॉर्मेंश संतोषजनक नहीं है। इसमें कुछ तो मौजूदा मंत्री हैं तो कुछ पूर्व मंत्री।

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केजरीवाल के विचारों से कुछ नेता सहमत नहीं

आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट में यह कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेता सीएम केजरीवाल के विचारों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। लिहाजा वे केजरीवाल के टारगेट पर हैं और अब वे सभी नेता अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए दूसरे दलों से संपर्क साधना शुरु कर चुके हैं। आप छोड़कर जा चुके कुछ नेताओं ने तो खुलेआम आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं है। 'आप' पंजाब इकाई में वरिष्ठ नेता खुलकर सामने आए और अपनी विरोध दर्ज करा चुके हैं। लिहाजा केजरीवाल खुद मोर्चा संभालने के लिए अभी हाल ही में पंजाब का दौरा कर चुके हैं और वरिष्ठ नेताओं को मनाने का प्रयास कर चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आम चुनाव आते-आते 'आप' के अंदर क्या राजनीतिक परिवर्तन होते हैं। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए संकेत अच्छे नहीं लग रहे हैं।