charanjit singh channi became punjab cm. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी सियासी उथल-पुथल के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का अगला मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने ट्विटर पर इस संबंध में जानकारी साझा की है।
नई दिल्ली। charanjit singh channi became punjab cm. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी सियासी उथल-पुथल के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का अगला मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने ट्विटर पर इस संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और मुझे इस संबंध में जानकारी देते हुए काफी खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री पद के लिए चन्नी के नाम पर मोहर लग जाने के बाद वे कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत के साथ राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन रवाना हो रहे हैं।
चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला होने के बाद, इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि वे पार्टी हाईकमान के फैसले को लेकर खुश हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी विधायकों का आभारी हूं, जिन्होंने मेरा समर्थन किया। चन्नी मेरे भाई हैं और मैं उन्हें सीएम बनाए जाने को लेकर खुश हूं। बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी वहीं मंत्री हैं, जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस आलाकमान से कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की थी।
कैप्टन ने दी थी फ्लोर टेस्ट की चेतावनी
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पंजाब सीएम के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर मुहर लगाकर कांग्रेस आलाकमान ने एक फैसले से कई मुश्किलें हल कर लीं। बता दें कि मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वे नवजोत सिंह सिद्धू या उनके किसी करीबी को पंजाब का मुख्यमंत्री कतई स्वीकार नहीं करेंगे। अगर ऐसे किसी नाम पर सीएम पर के लिए मुहर लगती है तो वो इसका पुरजोर विरोध करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने फ्लोट टेस्ट कराने की चेतावनी भी दी थी।
गौरतलब है कि पंजाब में सीएम पद के लिए कांग्रेस में इंटरनल वोटिंग हुई, जिसमें सुनील जाखड़ को सबसे ज्यादा वोट मिले। वहीं सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) दूसरे स्थान पर और परनीत कौर तीसरे स्थान पर रहीं। लेकिन पार्टी हाईकमान ने दलित चेहरे पर बड़ा दांव खेलते हुए चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर मुहर लगा दी। नए सीएम की रेस में अंबिका सोनी का नाम भी शामिल था, लेकिन उन्होंने खराब सेहत का हवाला देकर मुख्यमंत्री बनने से इनकार कर दिया था। उन्होंने सिख चेहरे को सीएम बनाने का सुझाव दिया था।