
यूपी विधानसभा में लगी अदालत, छह पुलिस वालों को मिली एक दिन कारावास की सजा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। भाजपा विधायक सलिल विश्नोई के विशेषाधिकार हनन मामले में सदन को कोर्ट में तब्दील किया गया। मामले के आरोपी 6 पुलिसकर्मियों को सदन में बनाए कटघरे में खड़ा किया गया।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने आरोपियों के कारावास का प्रस्ताव रखा, जिस पर स्पीकर ने वोटिंग कराई। वोटिंग के दौरान सपा के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। बाकी सदस्यों ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित करवा दिया। बाद में स्पीकर ने आरोपी पुलिसकर्मियों को एक दिन के कारावास की सजा सुनाई।
आरोपियों ने बारी-बारी से सदन के सामने माफी भी मांगी। स्पीकर ने कहा कि कमेटी ने इनके निलंबन के लिए कहा था, लेकिन पुलिसकर्मियों के आचरण को देखते हुए उन्हें एक दिन के कारावास की सजा दी जा रही है। पुलिसकर्मी सिर्फ शुक्रवार के लिए रात 12 बजे तक सदन में बने स्पेशल सेल में बंदी बनाकर रखे गए।
स्पीकर का आदेश
स्पीकर ने आदेश दिया कि पुलिसकर्मियों को एक दिन के लिए तारीख बदलने तक विधानसभा के लॉकअप में रखा जाए। कारावास में कोई उत्पीडऩ नहीं होगा। पानी-भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी।
क्या था मामला
15 सितंबर 2004 को बिजली समस्या को लेकर तत्कालीन विधायक सलिल विश्नोई समर्थकों के साथ कानपुर में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर विश्नोई की जांच जगह से पैर तोड़ दिया था। वे कई माह अस्पताल में भर्ती रहे। मामले में एफआइआर दर्ज की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में आरोप की पुष्टि होने के बाद सभी को सदन की अवमानना का दोषी पाया गया था। मामले की रिपोर्ट को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बीते गुरुवार को संज्ञान में लिया। इसके बाद शुक्रवार को आरोपियों को गिरफ्तार करके सदन में पेश करने का आदेश डीजीपी को दिया था।
इन लोगों को सुनाई सजा
इस मामले में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बाबूपुरवा अब्दुल समद, तत्कालीन किदवई नगर थानाध्यक्ष ऋषिकांत शुक्ला, एसआइ थाना कोतवाली कानपुर नगर त्रिलोकी सिंह, किदवई नगर थाने के सिपाही छोटे सिंह यादव, काकादेव थाने के सिपाही विनोद मिश्र और सिपाही मेहरबान सिंह यादव को सजा सुनाई गई। इसमें अब्दुल समद रिटायर हो चुुुके हैं।
Published on:
04 Mar 2023 12:38 am

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