
प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini )
Crime फरीदाबाद स्थित अलफलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ ED ने बड़ी कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड रुपए कीमत की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। इतना ही नहीं कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अल-फलाह ग्रुप के अध्यक्ष जावेद अहमद सिद्दीकी और ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद पूरे देश से अलफलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी। उस समय अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कम से कम दस डॉक्टर्स और डॉक्टर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया गया था। यूनविर्सिटी के अध्यक्ष को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से लग रहा था कि मामला ठंडा पड़ गया है लेकिन अब ED की इस कार्रवाई ने यूनिवर्सिटी को तगड़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ED ने पीएमएलए यानी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत तगड़ी कार्रवाई की है। यह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित है। यहां यूनिवर्सिटी की करीब 54 एकड़ जमीन के साथ-साथ इसकी बिल्डिंग और संबंधित विभागों और स्कूलों और हॉस्टल की बिल्डिंग को भी जब्त कर लिया गया है।
जांच कर रही एजेंसी ने जब गहनता से पड़ताल की तो हैरान कर देने वाले खुलासे हुए। यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष को यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामलों में पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद यूनिवर्सिटी की संपत्तियों की जांच की जा रही थी। जांच में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि यूनिवर्सिटी के पास वैध मान्यता ही नहीं थी। इस तरह एक बड़ी ठगी छात्र-छात्राओं के साथ की गई। इन सभी तथ्यों के आधार पर सबूत जुटाते हुए स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मालिक और ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। जांच एजेंसी ने चार्ज शीट में यह भी लिखा है कि यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष की ओर से फर्जी दावा किया गया था कि यूनिवर्सिटी के पास वैध मानता है। ऐसा करके छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और करीब 415 करोड रुपए इकट्ठा कर लिए गए।
आपको बता दें कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी उस समय निशाने पर आई जब इसी कॉलेज के एक स्टूडेंट उमर उन नबी ने दिल्ली में लाल किले के पास अपनी कर को विस्फोट से उड़ा दिया था। पिछले वर्ष 10 नवंबर को हुए इस भयानक विस्फोट ने 15 लोगों की जान ले ली थी। इस विस्फोट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। जब जांच की गई तो अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कनेक्शन सामने आया। इसके बाद यूनिवर्सिटी के करीब 10 डॉक्टर को हिरासत में लिया गया था। उस समय पूरे देश से लोगों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच कर इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
Published on:
17 Jan 2026 09:42 am

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