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कारोबारी को 69 गोलियां मारकर छलनी कर दिया शरीर, फिर पुलिस से भिड़े शूटर, खतरनाक रंजिश का खुलासा

Delhi Encounter: दिल्ली में बीते दिसंबर महीने में एक कारोबारी पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ 72 राउंड फायरिंग की। इसमें से 69 गोलियां कारोबारी को लगीं और मौके पर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अब हमलावरों को गोली मारकर गिरफ्तार किया है।

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Delhi encounter Police arrested two shooters in Ayanagar dairy businessman murder case

दिल्ली में कारोबारी हत्याकांड में शामिल दो शूटरों का एनकाउंटर।

Delhi Encounter: राष्ट्रीय राजधानी में नए साल के जश्न की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच 30 दिसंबर को दक्षिणी दिल्ली के आयानगर इलाके में सुबह-सुबह तीन शूटरों ने एक कारोबारी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सुबह छह बजे करीब 30 मिनट तक बदमाशों ने कारोबारी पर 72 राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें से 69 गोलियां बिल्कुल निशाने पर लगीं और कारोबारी का शरीर छलनी हो गया। इसी केस में जांच कर रही पुलिस को पता चला कि कारोबारी की हत्या करने वाले शूटर द्वारका इलाके में छिपे हैं। सूचना पर पुलिस ने भी सुबह छह बजे इलाके की घेराबंदी की और बदमाशों से सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन बदमाशों ने उल्टा पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने बचाव में क्रॉस फायरिंग की तो दोनों बदमाशों के पैर में पुलिस की गोली लगी और वह घायल होकर गिर गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों शूटर कारोबारी की हत्या में शामिल बताए जा रहे हैं।

सूचना पर तुरंत एक्टिव हुई दिल्ली क्राइम ब्रांच

दरअसल, मंगलवार सुबह ही मुखबिर ने दिल्‍ली क्राइम ब्रांच को सूचना दी कि द्वारका इलाके में दक्षिणी दिल्ली के आयानगर में कारोबारी की हत्या में शामिल दो शूटर छिपे हैं। इस सूचना पर तुरंत दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम एक्टिव हो गई और द्वारका इलाके की घेराबंदी की गई। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों से सरेंडर करने को कहा, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों का आक्रामक रुख देखकर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इसमें दोनों शूटर घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों का इलाज किया जा रहा है। अभी तक शूटरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

आयानगर में कारोबारी को गोलियों से भूना था

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह दोनों शूटर आयानगर में की गई कारोबारी की हत्या में शामिल थे। हालांकि इनके साथ और कौन-कौन इस हत्याकांड में शामिल था। इसकी जानकारी शूटरों से पूछताछ के बाद सामने आएगी। फिलहाल अस्पताल में दोनों शूटर उपचाराधीन हैं। आयानगर में 30 दिसंबर की सुबह छह बजे डेयरी कारोबारी की हत्या की गई थी। इस दौरान बदमाशों ने अचानक पहुंचकर कारोबारी की कार पर 72 राउंड फायरिंग की थी। इसमें 69 गोलियां निशानें पर लगीं और कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।

30 दिसंबर को हत्या से थर्रा उठा था इलाका

दिल्ली क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दक्षिणी दिल्ली के आया नगर स्थित बाबा मोहल्ला में डेयरी कारोबारी 52 साल के रतन पुत्र लेखराम परिवार के साथ रहते थे। 30 दिसंबर की सुबह छह बजे जब वह कार से कहीं जा रहे थे, तभी तीन शूटरों ने कारोबारी की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। यह शूटर पहले से ही कार लगाकर कारोबारी का इंतजार कर रहे थे। हमले में कारोबारी को 69 गोलियां लगीं थीं, जिससे उनका शरीर छलनी हो गया था। बॉडी का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कारोबारी के शरीर से 69 गोलियां निकाली थीं। यह मामला कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर देखा जा रहा था।

पुरानी रंजिश भी आई सामने

कारोबारी की हत्या की जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि आयानगर में साल 2024 से दो परिवारों के बीच गहरी दुश्मनी चल रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि डेयरी कारोबारी रतन के बेटे दीपक उर्फ दीपू ने मई 2025 में छतरपुर के सीडीआर चौक पर अरुण नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह हत्या साल 2024 में हुई मारपीट की एक घटना का बदला थी। उस मारपीट में अरुण ने अपने साथियों के मिलकर दीपू पर हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने दीपू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसके चार चार साथियों को भी गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल जेल में बंद हैं।

कार में कारोबारी का इंतजार कर रहे थे हमलावर

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें एक काली निसान मैग्नाइट कार दिखी। इसी कार में तीनों हमलावर डेयरी कारोबारी रतन का इंतजार कर रहे थे। इस कार की नंबर प्लेट गायब थी। वहीं मौके से पुलिस को खाली कारतूसों का जखीरा और तीन जिंदा कारतूस भी मिले। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाली कार की मूवमेंट ट्रैक की। पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या के बाद से मई 2025 में मारे गए अरुण के मामा कमल परिवार समेत फरार हैं। कमल का आपराधिक इतिहास भी है। ऐसे में कारोबारी की हत्या का शक उसपर भी है। दूसरी ओर, दीपू का भाई अंकित भी फरार चल रहा है।