
दिल्ली: फिरौती के लिए पूर्व ड्राइवर ने बॉस की कर दी हत्या, जांच में हुआ खुलास
नई दिल्ली। करीब दो हफ्ते पहले उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई हत्या के मामले का खुलासा अब दिल्ली पुलिस ने कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने घटना के तह तक जाते हुए सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन तीनों को हरियाणा के बहादुरगढ़ इलाके से गिरफ्तार किया है। दरअसल बीते 16 जुलाई को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अपनी फैक्टरी के बाहर फिरौती न देने के कारण एक कारोबारी की हत्या कर दी गई थी। कारोबारी की हत्या करने वालों में से एक की पहचान कारोबारी के पूर्व ड्राइवर के रूप में हुई है। एक वर्ष पहले यह कारोबारी का ड्राइवर था। आपको बता दें कि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय पारस जैन, 27 वर्षीय नीरज कुमार और 20 साल के शिवम के रूप में की है। ये तीनों आरोपी झज्जर के रहने वाले हैं। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई कार और पिस्तौल को भी बरामद कर लिया है।
क्या है मामला
आपको बता दें कि बीते 16 जुलाई को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी में उद्योग नगर इलाके में कुछ अज्ञात युवकों ने कारोबारी राजेश गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बता दें कि राजेश गुप्ता अपने परिवार के साथ पश्चिमी विहार इलाके में रहते थे और हरियाणा के सोनीपत में इनकी फैक्टरी थी। पुलिस के मुताबिक राजेश हर दिन अपने बिजनेस पार्टनर के साथ मिलने जाते थे। उस दिन भी वे अपने बिजनेस पार्टनर से मिलकर लौट रहे थे कि तभी कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन्हें जहांगीरपुरी के पास गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
आईपीएल में सट्टा लगाने के कारण कर्ज में डूब गए थे आरोपी
आपको बता दें कि इस मामले की एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। उत्तर-पश्चिमी के डीसीपी असलम खान ने बताया कि जिले के एडिश्नल डीसीपी एके लाल की अगुवाई वाली टीम ने इस मामले की जांच की और हत्यारों तक पहुंची। डीसीपी ने आगे कहा, 'हमारी टीम को अपराधियों में से एक के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली और हमने सभी आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से पिस्तौल और चोरी की कार भी बरामद कर ली गई है।' गिरप्तार किए गए आरोपियों ने खुलासा करते हुए पुलिस को बताया कि आईपीएल के दौरान सट्टा लगाने के कारण वे लोग कर्ज में डूब गए थे इसलिए उन्लोगों ने कारोबारी राजेश गुप्ता को निशाना बनाया और उन्हें फिरौती के लिए कॉल किया। आरोपियों में से एक कारोबारी का ड्राइबर रह चुका था। उन्हे सबकुछ पता था कि राजेश कब और कहां जाता है, किससे मिलता है। उसने दूसरे अपराधी शिवम को बताया था कि राजेश एक अमीर आदमी है और उससे फिरौती मांगी जा सकती है जिससे वे लोग कर्ज से बाहर आ जाएंगे। उनलोगों ने एक प्लान के तहत राजेश से फिरौती मांगी लेकिन जब उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो उनलोगों ने राजेश की हत्या कर दी।
Published on:
29 Jul 2018, 5:35 PM IST
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