
दिल्ली की 'लेडी डॉन' बशीरन उर्फ मम्मी की अनसुनी दास्तां, एक आम महिला यूं बन गई मौत की सौदागर
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस को आखिरकार सफलता मिल ही गई। बीते 7 महीने से फरार चल रही 'लेडी डॉन' बशीरन उर्फ मम्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली के पॉश इलाकों में से एक संगम विहार में मम्मी का काफी खौफ था। खौफ इतना की आस-पास के लोग उनके खिलाफ एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं थे। लेडी डॉन का तमका पा चुकी मम्मी अब पुलिस की गिरफ्त में है। लेकिन क्या आपको पता है कि बशीरन को लेडी डॉन क्यों कहा जाने लगा? आखिर बशीरन डॉन कैसे बन गई? आज हम आपक बता रहे हैं बशीरन उर्फ मम्मी की डॉन बनने की पूरी दास्तान।
सरकारी बोरवेल पर कर लिया था नियंत्रण
दरअसल राजधानी दिल्ली के संगम विहार में रहने वाली दिल्ली की टॉप 5 महिला बदमाशों की वांटेड लिस्ट में शामिल 62 साल की बशीरन को अपराध की दुनिया में गॉडमदर कहा जाता है। बशीरन पहले एक आम महिला की तरह थी। लेकिन संगम विहार इलाके में उसका काफी वर्चस्व था। बशीरन ने अपने वर्चस्व का फायदा उठाकर पहले सरकारी बोरवेल पर अपना नियंत्रण स्थापित की। यही बोरवेल बशीरन को आगे चल कर लेडी डॉन बना देता है। संगम विहार के जितने भी घरों में सरकारी नलों से पानी जाता था। बशीरन बिल के नाम पर हर महीने उनसे पैसे वसूलती थी। यदि कोई भी पैसे देने से इनकार करता था तो फिर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। इसी खौफ की वजह से सभी लोग उन्हें पैसे दे देते थे। धीरे-धीरे बशीरन को लगने लगा कि इलाके के लोग उनसे खौफ खाते हैं। फिर क्या था वह एक डॉन की तरह अपने आप को इलाके में पेश करने लगी। पुरे इलाके में बशीरन पानी माफिया के तौर पर जानी-पहचानी जाने लगी। इधर पुलिस का कहना है कि अधिकतर सरकारी बोरवेल में बशीरन का नियंत्रण था।
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और अपहरण के काम में हो गई शामिल
बता दें कि हमेशा सिर पर दुपट्टा और आंखों पर चश्मा लगाए रहने वाली 'लेडी डॉन' बशीरन के खौफ का आलम अब यह हो गया था कि कोई भी उनके सामने अपना मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं था। अब बशीरन ने अपने दबदबे का दायरा बढ़ाने के लिए इस काम में अपने बेटों को उतारा दिया। बशीरन के आठ बेटे हैं। बशीरन के बेटों ने इलाके के लगभग सभी सरकारी बोरवेल पर अपना नियंत्रण कर लिया। अब उनके सभी बेटे पानी माफिया के तौर पर इलाके में अपना काम करने लगे। इधर बशीरन अपना दायरा बढ़ाने के लिए अन्य नौजवनों को अपने गिरोह में शामिल करवाने के काम में जुट गई। बशीरन अपने गैंग में शामिल करने वाले नाबालिग बच्चों में नशे (चरस, गांजा खिलाना-पिलाना) की आदत डालती थी और जब 6-7 महीने में आदत पड़ जाती है तो फिर उनको यह बदमाश बनाती थी। उन्हें चाकू, छुरा, रिवॉल्वर देती और फिर जुर्म की दुनिया में उसका स्वागत करती थी। वह नौजवानों को ट्रेनिंग देती फिर उन्हें अपने बेटों के साथ अवैध गतिविधियों में लगा देती थी। धीरे-धीरे बशीरन हत्या की सुपारी (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) भी लेने लगी और इस तरह से उनपर 9 हत्या के मुकदमें दर्ज हो गए। पुलिस उन्हें ढूंढ रही थी लेकिन वह दिल्ली से फरार हो गई। फरार होने के दौरान वह अहमदाबाद, इलाहाबाद, मणिपुर और फिरोजाबाद में रही। इस बीच बशीरन के बेटों ने मम्मी के काम को संभाला और अपराधों को अंजाम देते थे। लिहाजा उनके बेटों शमीम उर्फ गूंगा पर 42, शकील पर 15, वकील पर 13, राहुल खान पर 3, फैजल पर 9, सनी पर 9 और सलमान और इसके एक नाबालिग बेटे पर भी हत्या के मामले दर्ज हैं। अब पूरे इलाके में बशीरन दहशत और खौफ का पर्याय बन चुकी थी। इलाके लोग उन्हें लेडी डॉन कहकर पुकारने लगे, क्योंकि इतने अपराधों में शामिल होने बावजूद भी पुलिस के हाथ खाली थे। पुलिस ने बताया है कि बशीरन अपने बेटों के साथ मिलकर संगम विहार और आंबेडकर नगर इलाके में रहने वाले कुछ नौजवानों को बदमाश बनाने का भी काम करती थी। अपने गैंग को बढ़ाने के लिए नए बदमाशों को नजराना भी देती थी और संगम विहार से बाहर निकलकर दिल्ली के अन्य इलाकों में अपना पैर पसारना चाहती थी। गैंग के लोग उन्हें प्यार से मम्मी कहकर पुकारते थे।
Published on:
19 Aug 2018 05:09 pm
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