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राजधानी दिल्ली में इस वर्ष 121 सालों में दूसरी सबसे अधिक बरसात दर्ज

इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि इस साल राजधानी दिल्ली में हुई बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड तो़ड़ दिए। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि 121 वर्षो में वर्ष 2021 में अब तक की दूसरी सबसे अधिक वार्षिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 26 Oct 2021, 12:36 AM IST

मौसम विभाग का पूरे यूपी में कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार तेज

मौसम विभाग का पूरे यूपी में कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार तेज

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इस बार हुई बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही लोगों को जबर्दस्त परेशान भी किया। ताजा मामला करवाचौथ का ही ले लें, जब महिलाएं रात में घंटों चांद दिखने का इंतजार करती रहीं, लेकिन बादलों से घिरे आसमान और बारिश के चलते इसके दीदार ना हो सके। हालांकि इन सबके बीच अब यह जानकारी सामने आई है कि इस वर्ष राजधानी दिल्ली में हुई बारिश बीते करीब सवा सौ सालों में दूसरी सबसे ज्यादा है।

सफदरजंग एयरपोर्ट वेधशाला के मुताबिक दिल्ली में वर्ष 1933 से 25 अक्टूबर 2021 तक 121 वर्षो में दूसरी सबसे अधिक वार्षिक बारिश इस बार हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक, इस वेधशाला ने सोमवार शाम तक 1,502.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में 1933 में 1,534.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो 1901-2021 की अवधि में सबसे अधिक वार्षिक बारिश है।

इस वर्ष 18 अक्टूबर तक दिल्ली में 24 घंटे में 87.9 मिमी की कुल वर्षा हुई, जो 1956 के बाद से सबसे अधिक दर्ज की गई है। देर से मानसून आने के बावजूद दिल्ली में सितंबर और अक्टूबर के महीने में अधिक वर्षा हुई। वैसे आमतौर पर ये दक्षिण-पश्चिम मानसून के जाने का समय होता है।

आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दशकों में यह तीसरी बार है जब दिल्ली में मानसून की बारिश ने 1,000 मिलीमीटर के निशान को पार किया है। दिल्ली में वर्ष 2010 के मानसून सीजन में 1,031.5 मिमी और 2003 में 1,050 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

वहीं, रविवार को हुई जोरदार बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी सोमवार शाम को संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को 160 से सुधरकर सोमवार को 82 हो पर पहुंच गया।

उधर, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पूवार्नुमान एजेंसी सफर ने कहा कि राजधानी में अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'संतोषजनक' से 'मध्यम' श्रेणी के बीच में बने रहने की संभावना है। वायु गुणवत्ता को 'अच्छा' के रूप में तब वर्गीकृत किया जाता है जब एक्यूआई 0 से 50 के बीच बना रहता है। जबकि एक्यूआई 51-100 के बीच रहने पर 'संतोषजनक', 101-200 के बीच रहने पर 'मध्यम', 201-300 के बीच रहने पर 'खराब', 301-400 के बीच रहने पर 'बहुत खराब', 401-500 के बीच रहने पर 'गंभीर' और 500 से ज्यादा रहने पर 'खतरनाक' माना जाता है।