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रिश्वत का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन! फरीदाबाद-पलवल में वर्दीधारी ही निकले सबसे आगे, ACB ने 29 को रंगे हाथों पकड़ा

Faridabad: फरीदाबाद- पलवल में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की बड़ी कार्रवाई में पिछले साल 29 कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए, जिनमें सबसे अधिक संख्या पुलिसकर्मियों की रही।

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Faridabad Palwal uniformed personnel are at the forefront in taking bribes

Faridabad: कानून की रक्षा करने वाले ही जब कानून तोड़ने का काम करने लगें, तो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा होना वाजिब है। दरअसल, बीते साल फरीदाबाद और पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 29 कर्मचारी-अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आंकड़ों के अनुसार, इनमें सबसे ज्यादा रिश्वतखोर आरोपी वर्दीधारी ही पकड़े गए हैं।

पुलिसकर्मी सबसे अधिक गिरफ्तार

ACB के आंकड़ों के अनुसार पकड़े गए आरोपितों में आठ से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से तीन और राजस्व विभाग से दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई। अन्य विभागों से भी एक-एक कर्मचारी कार्रवाई की जद में आए।

किन कामों के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत

जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी जमानत दिलाने में मदद, गिरफ्तारी से बचाने, चालान जल्द पेश कराने, एफआईआर दर्ज न करने या धाराएं जोड़ने-हटाने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। वहीं राजस्व विभाग में इंतकाल दर्ज करने, जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगे जाते थे।

बिचौलियों के जरिए होता था लेन-देन

कई मामलों में रिश्वत का लेन-देन बिचौलियों के माध्यम से किया गया। पटवारियों के साथ उनके निजी सहायक भी पकड़े गए, जबकि नगर निगम के कर्मचारी भी ब्यूरो की कार्रवाई से नहीं बच सके।

ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी मजबूत सबूत

ब्यूरो अधिकारियों के मुताबिक अब पीड़ित लिखित शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ना आसान हुआ है। कुछ मामलों में ट्रैप असफल रहने पर सिर्फ रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया गया।

वर्षवार गिरफ्तारी के आंकड़े

आंकड़ों के अनुसार 2018 में 15, 2019 में 9, 2020 में 7, 2021 में 14, 2022 में सर्वाधिक 42, 2023 में 29, 2024 में 23 और 2025 में 29 कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस साल अब तक दो कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जा चुके हैं।