
नई दिल्ली : बिजली हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है यही वजह है कि जब यह पहली बार कहीं पहुंचती है तो लोगों के चेहरे खिल जाते हैं। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गांव बुलुमगव्हाण गांव में बिजली के खंबे लगे हैं। वहां पर देश की आजादी के 70 साल बाद बिजली पहुंच रही है। प्रधानमंत्री मोदी की ‘सौभाग्य बिजली योजना’ के अंतर्गत वहां पर लोगों को बिजली पहुंचाई जा रही है। इस गांव में करीब 600 लोग रहते हैं। बिजली के आने से लोग काफी खुश हैं। बता दें कि अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद प्रभावित जिले सुकमा के चिंतलनार गांव को 15 साल बाद फिर से बिजली मिली थी। वहां के लोग भी काफी खुश हुए था। वहां पर नक्सलियों के बिजली के खम्भे उखाड़ देने के बाद एक दशक से भी ज्यादा समय तक इलाके में बिजली की व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। गांव के लोग सोलर उपकरणों का प्रयोग करते थे।
क्या है सौभाग्य योजना ?
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े ऐलान करते हुए हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजना सौभाग्य को लॉन्च किया। योजना का पूरा नाम ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ है। यह योजना 7 दिन 24 घंटे हर घर में बिजली पहुंचाने की है। इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो पैसों की तंगी के कारण अभी तक बिजली कनेक्शन हासिल नहीं कर पाए हैं। साफ है कि योजना का फोकस गरीब परिवारों को फायदा पहुंचाने पर है। योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है