
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर वे (सचिन पायलट) पार्टी में हैं तो उन पर भरोसा और साथ मिलकर काम क्यों नहीं करेंगे? नेता की भूमिका आलाकमान तय करता है। विश्वास देकर विश्वास जीता जाता है। आलाकमान ने हम पर विश्वास किया है। हम सब मिलकर चलें तो सरकार हमारी वापस आएगी। गहलोत ने सोनिया गांधी का हवाला देते हुए कहा कि वे कई बार कह चुकी है कि जो धैर्य रखकर चलता है, उसे कभी न कभी चांस जरूर मिलता है। इस बयान को मैं हमेशा अपने दिल में रखता हूं और सभी नेताओं को धैर्य रखने के लिए कहता हूं। यदि धैर्य रखोगे तो पार्टी में बहुत मौके मिलेंगे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर राहुल गांधी की मौजूदगी में सचिन पायलट के साथ हुई बैठक के बाद गहलोत पहली बार मीडिया के सामने आए। पायलट पर भरोसा करने के सवाल पर गहलोत ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि मेरी ड्यूटी है कि सरकार को रिपीट कराने की दिशा में काम किया जाए। आलाकमान भी यही चाहता है। मैंने जनता के लिए बहुत सारी योजनाएं बनाकर उन्हें लागू करने में कोई कमी नहीं रखी। हर वर्ग का ध्यान रखा है। मुझे लगता है कि जनता इस बार सरकार रिपीट करेगी। अब राजस्थान में चाहे मोदी आएं या अमित शाह आएं, जनता हकीकत जानती है।
पद नहीं रखता मायने
गहलोत ने कहा कि मेरे लिए पद मायने नहीं रखता है, मैं तीन बार मुख्यमंत्री और तीन बार कैबिनेट मंत्री बनना मायने रखता है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने मुझ पर इतना विश्वास किया है। मैंने काम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
सुलह का निकला रास्ता
गौरतलब है कि गहलोत व पायलट के बीच चल रही कलह को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास पर चार घंटे बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों नेताओं को एक होकर चुनाव में जाने की नसीहत दी गई।
Published on:
30 May 2023 08:10 pm
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