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‘जेन-जी मोदी के साथ, कुछ लोग विदेशी एजेंसियों के इशारे पर लोकतंत्र पर कर रहे प्रहार’

राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में भाजपा की रणनीति पर तरुण चुघ ने दावा किया कि देश का युवा और जेन-जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की तरक्की में योगदान दे रहे हैं।
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अभिषेक सिंघल

नई दिल्ली। देश में कुछ लोग विदेशी एजेंसियों के इशारे पर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रहार कर रहे हैं। यह कहना है भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी और गुजरात प्रभारी तरुण चुघ का। राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में उन्होंने दावा किया कि देश का युवा और जेन-जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की तरक्की में योगदान दे रहे हैं। प्रस्तुत हैं राष्ट्रीय राजनीति, पंजाब के भविष्य और भाजपा की रणनीति पर तरुण चुघ से बातचीत के प्रमुख अंश।

पिछले चुनावों तक नए मतदाता भाजपा के समर्थक माने जाते रहे हैं। जेन जी आंदोलन के दौर में क्या स्थिति मानते हैं ?

निश्चित रूप से, देश का युवा और जेन-जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की तरक्की में लगा है। भारत का 7.8 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ना युवाओं की पराकाष्ठा का परिणाम है। युवा देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कुछ लोग विदेशी एजेंसियों के इशारे पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। संसद, चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और मीडिया जैसे संस्थानों की गरिमा पर प्रहार करने की कोशिश हो रही है।

राहुल गांधी और विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं?

लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा का सम्मान जरूरी है। कोई नेता सुप्रीम कोर्ट को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वह उसे किस समय मिले। इसी तरह चुनाव आयोग भी एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। किसी नेता की ओर से मिलने का समय तय करने या निर्देश देने की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। संस्थाएं किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के हिसाब से नहीं, संविधान के अनुसार काम करती हैं। यह सारा चित्रण डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान पर चोट है।

कांग्रेस, सीजेपी के प्रदर्शनों का भाजपा किस तरह मुकाबला कर रही है?

भाजपा जनता के बीच जाकर अपनी बात रखती है। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन को जनता का समर्थन अपने आप नहीं मिल जाता। एयरपोर्ट पर सीजेपी नेताओं के पहुंचने के दौरान लोगों की ओर से की गई प्रतिक्रिया जनता का मिजाज बताती है। तब जो लोगों ने उन्हें फटकारा है वो आम नागरिक की प्रतिक्रिया है। वहां शेम ओन यू के नारे लगे।

राहुल गांधी के शिव की बारात बताने को किस नजरिए से देखते हैं?

जो लोग पहले सनातन को डेंगू या बीमारी बताते रहे हैं और भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपरा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं, उनके मुंह से ऐसी बातें जंचती नहीं हैं। काशी विश्वनाथ, श्रीराम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि जैसे विषयों पर कांग्रेस का रुख भी सवालों के घेरे में रहा है। जिनके प्रतिनिधि खुद जा कर न्यायालय में खड़े हो कर कहते हैं कि रामजन्म भूमि का निर्णय नहीं हो। और निर्णय होने के बाद, कानून संगत होने के बाद मंदिर का शिलान्यास का बायकाट करते हैं। उनके मुंह से ऐसी बातें जंचती नहीं हैं।

पंजाब में इस समय किस तरह का सियासी माहौल है?

पंजाब इस समय नशे के काले कारोबार के साए में घोर निराशा के दौर से गुजर रहा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नौ साल के शासन की विफलताओं के बाद लोगों में निराशा है। भाजपा बंगाल की तरह की पंजाब में भी आशा की किरण बनकर उभरी है। पंजाब के लोगों को लगता है कि इस कठिन दौर से राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बाहर निकाल सकते हैं। राज्य पर करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। खेती, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र चुनौतियों से जूझ रहे हैं। नशा, माफिया, कर्ज और आर्थिक बदहाली पंजाब की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने खनन से 20 हजार करोड़ रुपये सरकारी खजाने में लाने का दावा किया था। सवाल है कि वह पैसा कहां गया? खनन माफिया, नशा माफिया, परिवहन से जुड़े माफिया और रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों को लेकर गंभीर शिकायतें हैं। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी डराया जाता है। हमारा लक्ष्य है कि पंजाब को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाया जाए। हम पंजाब की माताओं को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि उनके बेटों का भविष्य नशे के कारण बर्बाद नहीं होने देंगे। युवाओं को रोजगार, अवसर और आगे बढ़ने का भरोसा देना चाहते हैं।

क्या भाजपा पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन करेगी?

भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर काम कर रही है। हमें जनता का आशीर्वाद मिल रहा है। हमारा लक्ष्य पंजाब को मौजूदा संकट से निकालना है।

गुजरात में भाजपा की अगली चुनावी चुनौती को आप किस नजर से देखते हैं?

गुजरात में भाजपा पिछले तीन दशकों से जनता की सेवा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां विकास और जनकल्याण के लिए काम किया है। हाल के निकाय चुनावों के परिणामों ने भी यह दिखाया है कि भाजपा को जनता का समर्थन मिल रहा है। हमें विश्वास है कि गुजरात में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे।