
गोवा में ऐसे शानदार पंचायत भवनों का निर्माण हो रहा है।
गांवों में शहरों की तरह चमचमाती हुई सरकारी पंचायत ऑफिस और सभी सरकारी योजनाओं की डोरस्टेप डिलीवरी.....। पंचायतीराज व्यवस्था और ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में प्रमोद सावंत सरकार का ग्राम पंचायत मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है। मोदी सरकार की तरफ से पंचायतीराज व्यवस्था पर जोर देने के तहत सावंत सरकार राज्य की ग्राम पंचायतें जनता को हर वो सुविधा गांव में ही उपलब्ध करा रहीं हैं जिनके लिए दूसरे राज्यों में जनता को बड़े सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बीते दिनों सेंट एंड्र गांव में एक ऐसे ही आलीशान पंचायत का उद्घाटन किया तो लोग तस्वीरें देखकर दंग रह गए। भवन देखकर लग रहा था जैसे कोई कारपोरेट ऑफिस हो। गोवा में ऐसे एक नहीं अनेक भवन हैं, जहां से गांव वालों को सभी तरह की सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। ग्राम पंचायत भवन में हर दिन सरपंच, सचिव सहित तमाम कर्मी जनता के कार्यों के लिए उपलब्ध रहते हैं।
युवा मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत पंचायतों को मजबूत कर शासन व्यवस्था को निचले स्तर तक पहुंचाने की मुहिम पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि ग्राम पंचायतों में ही अगर जनता को सारी सुविधाएं मिलें तो फिर जनता को बाहरी सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। इस मंशा के साथ हर ग्राम पंचायत में सभी हाईटेक सुविधाओं से युक्त पंचायत भवन स्थापित किए जा रहे हैं। जिन स्थानों पर पहले से पंचायत भवन बने हैं, वहां सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं, जहां अभी नहीं बने हैं, वहां बनाए जा रहे हैं। गोवा की ग्राम पंचायतों में हर दिन अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनसुनवाई करते हैं। इसके अलावा तमाम जनता को जिन प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है, उन्हें भी ग्राम पंचायत से ही उपलब्ध कराते हैं।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने वेल्हा के सेंट एंड्यू ग्राम पंचायत भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि बढ़ा हुआ बुनियादी ढांचा ग्राम पंचायत के लिए प्रशासन और विकासात्मक गतिविधियों को मजबूत करेगा। गोवा सरकार पंचायतों के बुनियादी ढांचे के विकास और गोवा के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। गांवों की प्रगति तब तक नहीं हो सकती जब तक कि पंचायत सदस्यों के बीच अपने गांव को विकसित करने की दृढ़ इच्छा और इच्छा शक्ति न हो।
देश में चर्चा में है गोवा का पंचायत मॉडल
गोवा के ग्राम पंचायतों का मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। यहां हर ग्राम पंचायत में गांव की सरकार का मॉडल अपनाया जाता है। जिस तरह से राज्य सरकार में कई कमेटियां होती हैं, उसी तरह से ग्राम पंचायतों में भी कमेटियां अलग-अलग कार्यों को करती हैं। गांव के लिए विकास योजनाएं तैयार करने से लेकर बच्चों और महिलाओं के बारे में सोचने वाली कमेटियां गोवा के गांवों में बनतीं हैं।
गोवा के गांव में ये कमेटियां
प्रोडक्शन कमेटी
सोशल जस्टिस कमेटी
विलेज चाइल्ड कमेटी
एजूकेशन कमेटी
सेनिटेशन कमेटी
सोशल ऑडिट कमेटी
ग्राप पंचायत भवन क्यों हैं जरूरी?
ग्राम पंचायत के कार्यों की योजना बनाने के लिए कार्यालय की जरूरत होती है। बड़े आयोजनों के लिए हॉल की भी जरूरत होती है। ग्राम पंचायत के कार्यों से जुड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक के लिए पंचायत भवन का होना जरूरी होता है।आडवाणी और जोशी को राम मंदिर उद्घाटन का मिला न्यौता
Published on:
19 Dec 2023 08:28 pm

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